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Tiger State of Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट कहा जाता है, क्योंकि यहां देश के सबसे ज्यादा बाघ रहते हैं. यहां के टाइगर रिजर्व जंगल सफारी और रोमांच का शानदार अनुभव कराते हैं. अगर आप जंगल सफारी और बाघों की दहाड़ सुनने चाहते है. तो आइए जानते हैं एमपी के 7 मशहूर टाइगर रिजर्व, जहां हजारों सैलानी हर साल बाघ देखने पहुंचते हैं.
कान्हा टाइगर रिजर्व मंडला और बालाघाट जिले में फैला हुआ है. यह भारत का सबसे बड़ा रिजर्व माना जाता है. यहां घने साल के जंगल और खुले मैदान हैं, जहां बाघ के साथ बारहसिंगा, तेंदुआ और कई पक्षी भी मिलते हैं. कान्हा की सुंदरता और वाइल्डलाइफ इसे देश-विदेश के टूरिस्ट के बीच खास बनाती है.

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व उमरिया जिले में स्थित है. यहां बाघों की संख्या ज्यादा होने से उन्हें देखने का मौका आसानी से मिलता है. ऊंची पहाड़ियां, हरे-भरे मैदान और प्राचीन बांधवगढ़ किला इसकी पहचान हैं. यही वजह है कि टाइगर सफारी के लिए बांधवगढ़ सबसे पॉपुलर जगहों में गिना जाता है.

पेंच टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश के सिवनी और छिंदवाड़ा जिलों में फैला है. यहां सागौन के जंगल, घास के मैदान और नदी का किनारा सफारी का मजा और बढ़ा देते हैं. टाइगर के अलावा यहां तेंदुआ, जंगली कुत्ते और भालू भी दिख जाते हैं. पक्षी प्रेमियों के लिए भी यह रिजर्व बेहद खास है.

पन्ना टाइगर रिजर्व पन्ना और छतरपुर जिले में स्थित है. कभी यहां बाघ खत्म हो गए थे, लेकिन संरक्षण से अब उनकी संख्या बढ़ रही है. इस रिजर्व से केन नदी गुजरती है, जो इसे और खूबसूरत बनाती है. सफारी के दौरान यहां मगरमच्छ, तेंदुआ और पक्षियों की कई प्रजातियां भी नजर आती हैं.

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व होशंगाबाद (नर्मदापुरम) जिले में स्थित है. यहां सफारी का अनुभव सबसे अलग है, क्योंकि यहां जीप के साथ-साथ वॉकिंग सफारी, नाव की सवारी और नाइट ड्राइव भी कर सकते हैं. पहाड़ियां, घाटियां और घने जंगल इसे एडवेंचर और नेचर दोनों का मजा लेने की जगह बनाते हैं.

संजय-दुबरी टाइगर रिजर्व सीधी जिले में स्थित है. यह जगह अभी ज्यादा प्रसिद्ध नहीं है, लेकिन यहां के शांत साल के जंगल टूरिस्ट को खूब पसंद आते हैं. सफारी के दौरान बाघ, तेंदुआ और स्लॉथ बियर देखने को मिलते हैं. यह रिजर्व भीड़ से दूर जंगल की शांति का अनुभव कराता है.

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व डिंडोरी और नरसिंहपुर जिले की सीमाओं पर फैला है. यह नया रिजर्व है, जहां सूखे जंगल और पहाड़ी इलाका देखने को मिलता है. यहां टाइगर संरक्षण पर काम चल रहा है और धीरे-धीरे यह भी टूरिस्ट के लिए पसंदीदा जगह बन रहा है.

मध्य प्रदेश के ये सातों टाइगर रिजर्व मिलकर इसे टाइगर स्टेट बनाते हैं. यहां सिर्फ बाघ ही नहीं, बल्कि तेंदुआ, भालू, हिरण और सैकड़ों तरह के पक्षी भी रहते हैं. यही वजह है कि देश-विदेश के टूरिस्ट यहां हर साल सफारी का मजा लेने आते हैं.

टाइगर रिजर्व घूमने का सही समय अक्टूबर से जून तक होता है. इस दौरान जंगल सफारी खुली रहती हैं और बाघों समेत अन्य जानवर देखने का मौका भी ज्यादा मिलता है. ठंड और गर्मी दोनों सीजन में यहां बड़ी संख्या में टूरिस्ट पहुंचते हैं.