बागेश्वर धाम में शारदीय नवरात्र के पहले दिन से 10 दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण महोत्सव का आयोजन शुरू हुआ। दूसरे दिन कलश यात्रा के साथ कथा की औपचारिक शुरुआत की गई।
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वृंदावन से पधारे कथा व्यास पंडित संजय कृष्ण सलिल 23 से 29 सितंबर तक कथा का वाचन करेंगे। कथा की शुरुआत से पहले मंदिर से कथा स्थल तक विशाल कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण किए।
पहले दिन की कथा में पंडित सलिल ने श्रीमद् भागवत महापुराण का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि भागवत से ही भक्ति का प्राकट्य हुआ है। भक्ति के साथ ज्ञान और वैराग्य का संबंध है। उन्होंने श्री कृष्ण के नाम की व्याख्या करते हुए कहा कि भक्तों को आकर्षित करने वाले ही कृष्ण कहलाते हैं।
कथा व्यास ने बताया कि भागवत कथा श्रवण से जीवन सार्थक होता है। विनम्र और विवेकी व्यक्ति ही कथा श्रवण के योग्य होते हैं। तीर्थ स्थल में कथा सुनने का फल दोगुना होता है। उन्होंने नवरात्रि के नौ दिनों का महत्व बताते हुए कहा कि तीन-तीन दिन क्रमशः शक्ति, महालक्ष्मी और सरस्वती की उपासना करनी चाहिए।



