छत के सरिये बाहर निकल आए हैं, वहीं अध्यापक अपनी बेंच लगाकर बैठते हैं वहां भी प्लास्टर उखड़ चुका है।
सरदारपुर तहसील के ग्राम कचनारिया देवगढ़ में प्राथमिक विद्यालय का संचालन जर्जर भवन में हो रहा है। नवीन शिक्षा सत्र शुरू हुए तीन माह बीत चुके हैं, लेकिन विद्यालय भवन की स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। केवल कागजों पर भवन की मरम्मत या ज
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विद्यालय भवन जर्जर होने के बावजूद बच्चों के लिए कक्षाओं का संचालन हो रहा है। एक ही कमरे में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाई होती है। दो अध्यापक बच्चों को पढ़ाते हैं। जहां बच्चे बैठते हैं वहां की छत के सरिये बाहर निकल आए हैं, वहीं अध्यापक अपनी बेंच लगाकर बैठते हैं वहां भी प्लास्टर उखड़ चुका है और सरिये बाहर झांक रहे हैं।
आंगनवाड़ी भवन भी अधूरा
विद्यालय से लगभग 300 मीटर दूर आंगनवाड़ी भवन दो साल से अधूरा पड़ा है। फर्श टूट चुका है और भवन फिलहाल मवेशियों का आश्रय स्थल बन गया है। निर्माण एजेंसी द्वारा आंगनवाड़ी के लिए आवंटित राशि आहरण कर ली गई, लेकिन भवन आज तक अधूरा है। बाउंड्रीवाल का निर्माण भी नहीं हुआ।
किराए के भवन में स्थानांतरित किया पहले आंगनवाड़ी का संचालन प्राथमिक विद्यालय के जर्जर किचन शेड में चल रहा था, लेकिन महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी के संज्ञान में आने पर इसे गांव के किराए के भवन में स्थानांतरित कर दिया गया।
कमल सिंह निगवाल, परियोजना अधिकारी, महिला बाल विकास विभाग सरदारपुर ने कहा- “देवगढ़ में आंगनवाड़ी भवन अपूर्ण है, इसलिए हैंडओवर नहीं किया गया। निर्माण एजेंसी भवन पूर्ण कर दे तो हम हैंडओवर कर लेंगे।”
देखिए स्कूल की तस्वीरें…

