पनागर स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही उजागर।
जबलपुर के पनागर स्वास्थ्य केंद्र में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एक नर्स ने भर्ती मरीज को एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन लगा दिया। इतना ही नहीं इंजेक्शन लगाने के बाद मरीज की हालत बिगड़ने पर उसे स्वास्थ्य केंद्र से डिस्च
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दो दिन पहले किया था भर्ती
पनागर के महाराजपुर की रहने वाली 20 वर्षीय युवती हर्षिता ठाकुर को चक्कर आ रहे थे, जिसके चलते उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया गया था। मंगलवार दोपहर अस्पताल में पदस्थ एक नर्स ने मरीज को इंजेक्शन लगाया, थोड़ी देर बाद उसे घबराहट होने लगी तो उसने अपनी बहन को बुलाया और बताया कि कुछ देर पहले उसे इंजेक्शन लगाया गया है, जिसके बाद से बैचेनी हो रही है। मरीज की बहन ने ट्रे में रखा इंजेक्शन देखा गया तो उसकी डेट एक्सपायर हो चुकी थी। मरीज की बहन ने फौरन नर्स को बताया तो उन्होंने कहा कि यह अस्पताल का नहीं है।
महिला मरीज जिसे एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन लगाया गया है।
मरीज हर्षिता ठाकुर की बहन का कहना है कि नर्स ने धमकाया कि किसी से शिकायत की तो नुकसान तुम्हारा ही होना है। इसके बाद आनन-फानन में मरीज की छुट्टी कर दी गई। मरीज की बहन का आरोप है कि एक्सपायर डेट का जो इंजेक्शन लगाया गया है, उसकी डेट 6/2023 और एक्सपायरी डेट 5/2025 की, यानि चार माह पहले जो इंजेक्शन की डेट खत्म हो चुकी है, वह पनागर स्वास्थ्य केंद्र में लगाया जा रहा है। महिला मरीज को लगाए इंजेक्शन में एमपी गवर्नमेंट सप्लाई नोट फाॅर सेल लिखा है।
चलकर अस्पताल आई थी,ऑटो में घर ले गए
हर्षिता की बहन पिंकी ने बताया कि जिस समय उसे अस्पताल लाया गया था, तब वह चलकर आई थी। उसकी छुट्टी की गई है, तो ऑटो में घर ले गए है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में लाकर डाॅक्टर ने देखा तो भर्ती करने की सलाह दी थी। बताया गया कि आयरन की कमी है, जिसके बाद उसे इंजेक्शन दिया तो हालत बिगड़ने लगी। नर्स को बताया तो वह चुप रह गई। इंजेक्शन एक्सपायर हो चुका था। जिस पर स्टाफ यह कहने लगा कि जो इंजेक्शन दिखाया जा रहा है, यह यहां का नहीं बल्कि बाहर का है।

2025 पांचवें माह में तारीख एक्सपायर हो चुकी थी इंजेक्शन की।
पनागर स्वास्थ्य केंद्र के ड्यूटी डाॅक्टर श्रीपति मिश्रा ने बताया कि
मरीज के परिजनों ने जो भी आरोप लगाए हैं, उसकी जांच करवाई जा रही है। एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन लगाया और बाद में उसकी छुट्टी कर दी गई, यह गलत है। परिजन स्वयं मरीज को अपने साथ ले गए है। जो भी दवाएं या फिर इंजेक्शन स्वास्थ्य केंद्र में लाए जाते हैं, वह मुख्यालय से आते हैं। ऐसे में एक बार स्टोर से भी जानकारी ली जा रही है। स्टोर में अभी एक भी इंजेक्शन या फिर दवा नहीं मिली है फिर भी वरिष्ठ अधिकारियों को बताया गया है।
