कैस्टर प्लांट (अरंडी का पौधा)
कैस्टर ऑयल के बारे में हर कोई जानता है, लेकिन उसका पौधा आपके गार्डन में खतरनाक साबित हो सकता है. इसे अरंडी भी कहा जाता है. इसके फूल बेहद आकर्षक होते हैं, लेकिन इसके बीज में राइसिन नामक टॉक्सिक प्रोटीन पाया जाता है. कॉर्नेल यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड लाइफ साइंसेज की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रोटीन इतना खतरनाक है कि इसके सेवन से उल्टी, डायरिया और गंभीर हालत में मौत तक हो सकती है, इसलिए इस पौधे को घर में लगाने से बचना चाहिए।
कनेर या ओलियंडर का पौधा भारत में बेहद आम है. इसे सड़क किनारे भी देखा जा सकता है. लेकिन, इसके फूल और पत्तियां दोनों ही जहरीले होते हैं. छोटे बच्चों या पालतू जानवरों के संपर्क में आने पर यह उल्टी, दस्त, चक्कर आना, हार्टबीट धीमी होना और कंपकंपी जैसे लक्षण पैदा कर सकता है. यह पौधा और इसका फूल सुंदर होने के बावजूद स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक माना जाता है.
डैफोडिल (नरगिस का फूल)
डैफोडिल दुनिया भर में अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है. अलग-अलग रंगों में खिलने वाले ये फूल घर की शोभा तो बढ़ाते हैं, लेकिन यह भी जहरीले पौधों की सूची में शामिल है. इंसानों के साथ-साथ जानवरों के लिए भी यह बेहद नुकसानदेह है. इसके सेवन से डायरिया, उल्टी, कंपकंपी और यहां तक कि कार्डियक अरेस्ट का खतरा भी हो सकता है.
यह पौधा अपने आकर्षक फूलों की वजह से हर गार्डन की शोभा बढ़ा देता है, लेकिन इसमें मौजूद सायनाइड तत्व इंसानों और पालतू जानवरों दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है. हालांकि, इसके असर के लिए ज्यादा मात्रा में सेवन की जरूरत होती है, लेकिन किसी भी स्थिति में इसे घर के गार्डन में रखना सुरक्षित नहीं माना जाता.
सावधानी ही सुरक्षा
विशेषज्ञों का कहना है कि गार्डन सजाते समय सिर्फ खूबसूरती पर ध्यान न देकर पौधों की सुरक्षा और उनके प्रभाव पर भी ध्यान देना जरूरी है. कई बार अनजाने में लगाए गए ये पौधे बच्चों और पालतू जानवरों की जिंदगी के लिए खतरा बन सकते हैं, इसलिए पौधे खरीदते समय उनकी प्रजाति और उनके दुष्प्रभावों की जानकारी जरूर लें.