Garlic Farming: लहसुन की इन किस्मों से किसान बनेंगे मालामाल, दाम मिल रहे दोगुने!

Garlic Farming: लहसुन की इन किस्मों से किसान बनेंगे मालामाल, दाम मिल रहे दोगुने!


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Garlic Farming Tips: लहसुन की मांग पूरे वर्ष बनी रहती है. इसका उपयोग घरेलू रसोई से लेकर आयुर्वेदिक औषधियों तक में किया जाता है. यही कारण है कि सही किस्म चुनने पर किसान को अच्छा दाम मिलना तय है. इसके अलावा, लहसुन लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है, जिससे किसानों को बिक्री के लिए पर्याप्त समय मिलता है.

Lahsun ki Kheti: कृषि क्षेत्र में मुनाफे की बात करें तो लहसुन की खेती किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है. परंपरागत फसलों के साथ यदि किसान लहसुन की सही किस्मों की खेती करें, तो इससे उत्पादन भी बढ़ता है और बाजार में ऊंचे दाम मिलने से आमदनी भी दोगुनी हो सकती है. विशेषज्ञ मानते हैं कि लहसुन की कुछ खास वैरायटीज न सिर्फ ज्यादा उत्पादन देती हैं, बल्कि उनकी क्वालिटी और बाजार मूल्य भी उत्तम रहता है.

कृषि विशेषज्ञ नवनीत रेवापाटी कहते हैं कि हिमाचल प्रदेश की लहसुन किस्में अपने बड़े दानों और सफेद रंग के लिए प्रसिद्ध हैं. इनका स्वाद तीखा और सुगंधित होता है, जो बाजार में इनकी मांग को और बढ़ाता है. यहां की “हिमगिरी” और “हिमलहसुन” जैसी किस्में खास पहचान रखती हैं. इन किस्मों की उपज अच्छी होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अधिक होती है.

मध्य प्रदेश की लोकप्रिय किस्में
मध्य प्रदेश में “गदरवाड़ लहसुन” और “धार लहसुन” की खासी डिमांड है. गदरवाड़ की किस्म अपने मोटे फल्लियों और उच्च उत्पादन के लिए जानी जाती है, जबकि धार की किस्म लंबा समय स्टोर की जा सकती है. इससे किसान इन्हें सही समय पर बेचकर अधिक दाम पा सकते हैं. इन दोनों किस्मों ने प्रदेश के कई किसानों को लाखों रुपये का लाभ दिलाया है.

बाजार में ऊंचे दाम
विशेषज्ञ बताते हैं कि हिमाचल और मध्य प्रदेश की इन किस्मों की बाजार में अच्छी कीमत मिलती है. एक किलो साधारण लहसुन जहां औसतन सौ से डेढ़ सौ रुपये तक बिकता है, वहीं इन विशेष किस्मों की कीमत इससे कहीं अधिक रहती है. यही कारण है कि किसानों को इनसे दोगुना मुनाफा प्राप्त होता है. इन वैरायटीज की खेती करते समय किसानों को मिट्टी की अच्छी तैयारी करनी होती है. भुरभुरी और जैविक खाद से भरपूर मिट्टी लहसुन के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है. समय-समय पर सिंचाई और खरपतवार की सफाई पर ध्यान देने से उपज बढ़ जाती है. साथ ही, सही समय पर कटाई करने से दाने मोटे और चमकदार निकलते हैं.

यदि किसान परंपरागत किस्मों की बजाय हिमाचल और मध्य प्रदेश की लहसुन की खास वैरायटी अपनाते हैं, तो उन्हें बेहतर उत्पादन और ऊंचे दाम की गारंटी मिल सकती है. इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और उन्हें स्थायी मुनाफा भी होगा. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में लहसुन की मांग और बढ़ने वाली है, ऐसे में सही किस्म चुनना ही किसानों के लिए सबसे बड़ा निवेश साबित होगा.

Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across … और पढ़ें

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