दुकानदार और सांसद के बीच हुई बातचीत का यह घटनाक्रम आयोजन में चर्चा का विषय बना रहा।
राजगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “लोकल फॉर वोकल” और “हर घर स्वदेशी” अभियान को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने राजमहल परिसर में स्वदेशी मेला लगवाया। गुरुवार शाम इसका उद्घाटन प्रभारी मंत्री चैतन्य कश्यप ने किया। उनके साथ राज्य मंत्री गौतम टेटव
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मेले में बाहर से आए करीब 32 दुकानदारों ने अपने स्टॉल लगाए। इनमें से ज्यादातर दुकानें स्वदेशी उत्पादों को लेकर थीं- कहीं गोबर से बने दीपक, माला, सजावट सामग्री थी, कहीं घरेलू उपयोग की वस्तुएं, तो कहीं आयुर्वेदिक चूर्ण और च्यवनप्राश। इन सबके बीच एक साधारण दुकानदार का सवाल पूरे आयोजन का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया।
पूर्व राज्य मंत्री बद्रीलाल यादव ने दुकानदार से 140 रुपए की दो सर्फ की थैली खरीदी।
दुकानदार ने कहा- “पहले आप शुरुआत कीजिए” मंत्री कश्यप और सांसद रोडमल नागर सहित नेताओं का दल जब दुकानदार अंबाराम दांगी के स्टॉल पर पहुंचा तो वहां स्वदेशी और गोबर से बनी सामग्री रखी थी। नेता सामान देखकर खुश हुए और सांसद रोडमल नागर ने उसकी तारीफ भी की, बहुत बढ़िया… बहुत सुंदर… तभी दुकानदार ने हाथ जोड़कर कहा- सुंदर नहीं “मेरा निवेदन है आप सभी से मेरी दुकान पर लिखा है- हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी। पहले आप इसकी शुरुआत करें।”
इस पर सांसद रोडमल नागर ने जवाब दिया “हम तो स्वदेशी अपनाते हैं भैया, लेकिन तुम्हारे यहां से ही खरीदें, यह जरूरी है क्या?” यह सुनते ही मंत्री जी मुस्कुराते दिए, दुकानदार ने विनम्रता से कहा -“हां, मेरे यहां से करिए बाबूजी।” लेकिन सांसद ने चलते-चलते इतना ही कहा कि और भी स्वदेशी वाले स्टॉल लगे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच दुकानदार ने सभी लोगों से निवेदन करते हुए कहा- “मेरा यह च्यवनप्राश और सर्फ तो ले जाओ, नहीं तो सीताराम, हम तो ऐसे ही खड़े रह जाएंगे।” लेकिन सभी एक-एक कर दुकान के सामने से निकल गए और किसी ने भी सामान नहीं लिया।

पूर्व राज्य मंत्री बद्री लाल यादव ने खरीदा सामान तब दुकानदार बोला- “आज यह आने का कोई मतलब नहीं।” यह सुनने के बाद पूर्व राज्य मंत्री बद्रीलाल यादव ने पूछा- “क्यों?” तो दुकानदार ने जवाब दिया- “सामान ही नहीं लिया आपने।” इसके बाद पूर्व राज्य मंत्री बद्रीलाल यादव ने दुकानदार से 140 रुपए की दो सर्फ की थैली खरीदी। इस घटनाक्रम के बाद दुकानदार ने कहा कि अब मौजूदा सांसद को वोट नहीं दूंगा।