नगर जेठानी माता: 10 करोड़ के आभूषण से श्रृंगार: जबलपुर की माता के लिए 350 किलो चांदी का रथ, 157 साल पुरानी है परंपरा – Jabalpur News

नगर जेठानी माता: 10 करोड़ के आभूषण से श्रृंगार:  जबलपुर की माता के लिए 350 किलो चांदी का रथ, 157 साल पुरानी है परंपरा – Jabalpur News


संस्कारधानी जबलपुर के सराफा नुनहाई क्षेत्र में स्थापित ‘नगर जेठानी’ माता के दर्शन के लिए भक्त उमड़ रहे हैं। यहां मां की प्रतिमा केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि 157 साल से चली आ रही एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की प्रतीक है।

.

10 करोड़ रुपए के गहने और आधा क्विंटल वजन

बुंदेलखंडी शैली में सुसज्जित नगर जेठानी माता आज 10 करोड़ रुपए से अधिक के बहुमूल्य आभूषणों से सजी हुई विराजती हैं। भक्तों द्वारा मनोकामना पूरी होने पर अर्पित किए गए इन गहनों में सोना, चांदी, हीरे-मोती और माणिक शामिल हैं। जिनका कुल वजन आधा क्विंटल (50 किलो) से भी ज्यादा है। माता का श्रृंगार सचमुच अनुपम होता है। गले में सीतारामी हार, रामीहार, बिचोहरी, मंगलसूत्र, गुलुबंध, हाथों में गजरागेंदा, बंगरी, सोने का बाजुबंध और पैरों में पायजेब, सोने की पायल माता की छटा को कई गुना बढ़ा देते हैं।

350 किलो चांदी का रथ और 24 घंटे सुरक्षा

माता की भव्यता केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है। उनके शस्त्र तलवार, छत्र, चक्र और आरती थाल भी शुद्ध चांदी के बने हैं और उनके वाहन सिंह को सोने के मुकुट से सजाया जाता है। उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण है।

350 किलो चांदी से तैयार किया गया विशाल रथ विजयादशमी के दिन माता इसी दिव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करती हैं। 24 घंटे पुलिस के चार सशस्त्र जवान लगातार निगरानी में तैनात रहते हैं। नगर भ्रमण के दौरान 100 से अधिक पुलिसकर्मी माता की सुरक्षा व्यवस्था संभालते हैं।



Source link