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भारत पाकिस्तान एशिया कप फाइनल अगर बारिश की वजह से नहीं हो पाया तो उसके लिए भी नियम और प्रोटोकॉल पहले से तय हैं. ऐसे में किस टीम को मिलेगी ट्रॉपी और कौन सी टीम हाथ मलते हुए रह जाएगी, चलिए हम आपको इसके बारे में बताते हैं.
पाकिस्तान की टीम दो बार इस एशिया कप में भारत से हार चुकी है. (News18)नई दिल्ली. भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप फाइनल मैच से पहले फैन्स का जोश सातवें आसमान पर है. पाकिस्तान के क्रिकेट फैन्स की हरकतों को देखकर तो ऐसा लगता है कि मानो अगर फाइनल में भी पाकिस्तान की टीम हार गई तो वो अपने हाथों की नसें काट लेंगे. जिस कदर लीग मैच और सुपर-4 में भारत ने पाकिस्तान को चारों-खाने चित कर दिया, पड़ोसी मुल्क के पास इसका कोई जवाब नहीं है. ऐसे में अब फाइनल में सूर्यकुमार यादव एंड कंपनी पड़ोसी मुल्क को फिर ध्वस्त करने को तैयार है. यहां एक बड़ा सवाल यह है कि अगर भारत-पाकिस्तान एशिया कप फाइनल मैच बारिश या किसी अन्य वजह से रद्द हो गया तो किस टीम को ट्रॉफी मिलेगी? चलिए हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं.
एशियन क्रिकेट काउंसिल एशिया कप का आयोजन करती है. मैच अधिकारियों का उद्देश्य उपलब्ध समय का उपयोग कर नतीजे पर पहुंचा है. बारिश की स्थिति में ओवरों की संख्या कम करके खेल का नतीजा निकाला जा सकता है. हालांकि अगर मौसम खराब होता है और न्यूनतम ओवरों का मैच भी नहीं हो पाता है तो मैच रोक दिया जाएगा और रिज़र्व डे पर फिर से शुरू किया जाएगा. सोमवार को खेल ठीक उसी समय से शुरू होगा जहां रविवार को आखिरी गेंद फेंकी गई थी.
रिजर्व डे को लेकर क्या है नियम?
एशियाई क्रिकेट काउंसिल ने पुष्टि की है कि एशिया कप 2025 के फाइनल के लिए एक रिजर्व डे निर्धारित किया गया है जो सोमवार यानी 29 सितंबर को होना है. यह विकल्प बड़े टूर्नामेंट के दौरान फाइनल जैसे मैचों के लिए अक्सर रखा जाता है. ऐसा करना प्रोटोकॉल का हिस्सा है.
अगर रिजर्व डे में भी नहीं आया नतीजा?
अगर रिजर्व डे पर भी मैच पूरी तरह से बारिश की चपेट में आ जाए और खत्म ना हो पाए तो टूर्नामेंट के नियम उस दुर्लभ स्थिति को कवर करती है. अगर सोमवार को खेल के बाद भी कोई परिणाम नहीं निकल पाता तो ट्रॉफी भारत और पाकिस्तान के बीच साझा की जाएगी. इसका मतलब होगा कि दोनों देश संयुक्त चैंपियन बन जाएंगे.
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें