मंत्री शाह बोले- मां-बाप जिंदा मूर्ति, वही जीवन धन्य करेंगे: कहा- अतिथियों को माला नहीं, किताब या पौधा दें; कलेक्टर ने आदेश जारी किया – Khandwa News

मंत्री शाह बोले- मां-बाप जिंदा मूर्ति, वही जीवन धन्य करेंगे:  कहा- अतिथियों को माला नहीं, किताब या पौधा दें; कलेक्टर ने आदेश जारी किया – Khandwa News



मंत्री विजय शाह ने बुजुर्गाें के कार्यक्रम को संबोधित किया।

खंडवा जिले में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने कहा कि अतिथियों को बुकें यानी फूलमाला या गुलदस्ता देने की जगह हमें पुस्तक या पौधा देने की परंपरा बनानी होगी। उनका कहना था, “आप मुझे माला देते हो, मैं उसे गले से उतार देता हूं। इतनी कीमत में एक अ

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मंत्री की इस सलाह के बाद खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने आदेश जारी कर जिले के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शासकीय कार्यक्रमों में अतिथियों का स्वागत अब पुस्तकों और पौधों के जरिए किया जाए। इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मंत्री ने बुजुर्गों से बच्चों के लिए खास संदेश दिया विजय शाह ने बुजुर्गों के सम्मेलन में बच्चों के साथ समय बिताने की अहमियत बताई। उन्होंने कहा, “टेक्नोलॉजी के युग में बच्चे मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। बच्चों को रोज अपने बुजुर्गों के साथ कम से कम आधा घंटा बिताना चाहिए जिससे वे प्यार और दुलार अनुभव कर सकें।”

मंत्री ने अपने स्कूल जीवन की यादें साझा कीं मंत्री ने बताया कि उनके शिक्षक कैसे सुबह पांच बजे उनसे दौड़ लगवाते थे और जब तक पसीना न निकल जाए, तब तक भोजन नहीं मिलता था। इसके जरिए उनके शिक्षक ने उन्हें अनुशासन और कठोर मेहनत की शिक्षा दी।

बुजुर्गों को जिंदा मूर्ति बताया शाह ने कहा, “मंदिर में जाकर लोग मूर्ति के सामने आंखें बंद करके दुआ करते हैं, लेकिन माता-पिता जो जिंदा मूर्तियां हैं, उनका आशीर्वाद जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है। बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लेना हमारा धार्मिक और सांस्कृतिक संस्कार है।”

मंत्री ने यह भी कहा कि बुजुर्गों के अनुभव और जीवन से युवा पीढ़ी को बहुत सीखने को मिलता है, इसलिए वे जिंदा मूर्तियां हैं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए। आगामी समय में वे बुजुर्गों के साथ संवाद जारी रखेंगे।



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