मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले 2003 और 2025 की वोटर लिस्ट की मैपिंग चल रही है। यह काम 3 दिन में पूरा होना था, लेकिन 10 दिन के बाद भी अधूरा है। शुक्रवार सुबह तक जिले में 47% काम हुआ था। शाम को यह प्रोग्रेस 60% तक पहुंच गई। दो दिन
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शुक्रवार शाम को भी सीईओ ने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से चर्चा की। प्रोग्रेस ठीक नहीं होने पर धमकी दी कि काम समय पर पूरा नहीं किया तो एफआईआर कराएंगे। बात मैपिंग की करें तो भितरवार में 39% वोटर ऐसे हैं जिनके नाम 2003 और 2025 की वोटर लिस्ट में हैं। ग्वालियर में ऐसे वोटरों की संख्या 25%, मुरार ग्रामीण में 40% तक।
साइंस कॉलेज क्षेत्र के बीएलओ ने कहा कि 2003 के वोटरों की 3 हजार की सूची मिली है। तब पोलिंग 2 थे, अब 9 हैं। बड़ी मुश्किल से 46 वोटर दोनों सूची में मिले हैं। ओल्ड हाइकोर्ट क्षेत्र के बीएलओ ने कहा कि वोटर लिस्ट में 699 वोटर तलाशने थे, मिले सिर्फ 198 हैं। बीएलओ के मुताबिक 22 साल में काफी बदल गया, लेकिन अफसर मदद नहीं कर रहे हैं। वहीं उप जिला निर्वाचन अधिकारी भूमिजा सक्सेना ने कहा कि शनिवार तक काम कंपलीट करना है।
वीसी में सीईओ बोले- काम समय पर नहीं हुआ तो कराएंगे एफआईआर
ऐसे वोटर की संख्या जो 2003 और 2025 की लिस्ट में दर्ज हैं। ऐसे जिनके नाम 2025 में हैं पर 2003 की लिस्ट में नहीं पर इनका जन्म 1 जुलाई 1987 के पहले भारत में हुआ। ऐसे वोटर जिनका नाम 2025 की वोटर लिस्ट में है, इनका जन्म 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच हुआ। इनके माता-पिता के नाम 2003 की लिस्ट में हैं या नहीं। ऐसे वोटर जिनका नाम 2025 की सूची में है, जिनका जन्म 2 दिसंबर 2004 के बाद हुआ है। इनके माता-पिता का नाम 2003 की लिस्ट में शामिल है या नहीं, इनकी संख्यात्मक जानकारी।
ऐसी रहेगी आगे की प्रक्रिया मैपिंग 2003 और 2025 की वोटर लिस्ट के आधार पर 17 सितंबर से हो रही है। इन 22 साल में 6,22,019 वोटर बढ़े हैं। जिन वोटरों के नाम दोनों सूची में हैं या जिन माता-पिता दोनों का या किसी एक का नाम 2003 में हैं और बच्चों के नाम 2025 की सूची में, इन्हें कोई प्रमाण नहीं देना होगा। अन्य से एसआईआर के समय 11 निर्धारित दस्तावेज देने होंगे।