Cardiac Arrest Symptoms: कार्डिएक अरेस्ट तब होता है जब…शरीर के इस हिस्से में सबसे पहले दिखते हैं संकेत, 95% लोग करते इग्नोर!

Cardiac Arrest Symptoms: कार्डिएक अरेस्ट तब होता है जब…शरीर के इस हिस्से में सबसे पहले दिखते हैं संकेत, 95% लोग करते इग्नोर!


Last Updated:

Cardiac Arrest Reasons: अगर आप भी हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट को एक जैसा मानते हैं तो ये आपके लिए बड़ी भूल साबित हो सकती है. आइए जानते हैं इसके बारे में…

कार्डियक अरेस्ट एक ऐसी चिकित्सकीय आपात स्थिति है, जिसमें दिल की पंपिंग अचानक बंद हो जाती है. अगर समय पर इलाज न मिले तो यह सीधे मृत्यु का कारण बन सकता है. कई बार लोग इसके शुरुआती संकेतों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं और यही लापरवाही जानलेवा साबित होती है.
एक्सपर्ट डॉक्टर पंकज कुमार जैन, एसोसिएट प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, नंदकुमार सिंह चौहान मेडिकल कॉलेज, बताते हैं कि कार्डियक अरेस्ट की पहचान और समय पर उपचार जान बचा सकता है.
कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में अंतर
अक्सर लोग हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को एक जैसा मान लेते हैं, लेकिन दोनों अलग स्थितियां हैं.  हार्ट अटैक तब होता है जब धमनियों में थक्का जमने से रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो जाती है. कार्डियक अरेस्ट में अचानक दिल की धड़कन रुक जाती है और ब्लड सर्कुलेशन बंद हो जाता है. हार्ट अटैक कभी-कभी कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है, लेकिन हर हार्ट अटैक में कार्डियक अरेस्ट नहीं होता.

पैरों की नसों से जुड़ा संकेत
डॉक्टर जैन के अनुसार शरीर का एक ऐसा हिस्सा है जिसे अक्सर लोग इग्नोर कर देते हैं – पैरों की नसें. अगर पैरों में अचानक सूजन, लालपन या गर्माहट महसूस हो, तो यह डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) का संकेत हो सकता है. इसमें नसों में थक्का जम जाता है, जो खून के बहाव के साथ दिल तक पहुँचकर कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है. यही नहीं, अगर यह थक्का दिमाग तक चला जाए तो लकवे (पैरालिसिस) का भी खतरा होता है.

अन्य प्रमुख कारण
दिल की धड़कन का अनियमित हो जाना (अरिद्मिया)
हार्ट वाल्व की खराबी
अचानक सदमा या तनाव
पहले से मौजूद हार्ट डिजीज
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर

पहचान कैसे करें
कार्डियक अरेस्ट के लक्षण अचानक और तीव्र होते हैं, जैसे –
बिना कारण बेहोश हो जाना
खड़े-खड़े गिर जाना
सीने में अचानक तकलीफ़
बार-बार उल्टी की स्थिति
सांस रुकना या तेज धड़कन का महसूस होना

बचाव और तत्काल कदम
कार्डियक अरेस्ट आने पर तुरंत सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना ज़रूरी है. इसमें एक व्यक्ति छाती पर पंपिंग करता है और दूसरा मुंह के जरिए ऑक्सीजन देता है. साथ ही, तुरंत एंबुलेंस (108) बुलानी चाहिए. समय पर किया गया सीपीआर कई बार जीवन बचा सकता है.

किन्हें अधिक खतरा
बुजुर्ग
डायबिटीज और हाई बीपी के रोगी
पूर्व में हार्ट अटैक झेल चुके मरीज

क्या है कार्डिएक अरेस्ट?
कार्डियक अरेस्ट अचानक आने वाली और घातक स्थिति है. पैरों की नसों पर दिखने वाले छोटे-छोटे बदलाव को नज़रअंदाज़ न करें. ये आपके दिल और पूरे शरीर के स्वास्थ्य का आईना हैं. अगर लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि सतर्कता और समय पर इलाज आपकी जान बचा सकता है.

shweta singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,… और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homelifestyle

कार्डिएक अरेस्ट तब होता है जब…शरीर के इस हिस्से में सबसे पहले दिखते संकेत!

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



Source link