ट्रेनिंग में वन विभाग के कर्मचारी शामिल रहे।
उमरिया स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अब जंगली हाथियों ने भी अपना ठिकाना बना लिया है। हाथियों के झुंड अक्सर जंगलों के साथ-साथ गांवों और खेतों के आसपास भी दिखाई देते हैं, जिससे मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति बनी रहती है।
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इस समस्या को कम करने के लिए टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने ‘गज रक्षक’ ऐप के माध्यम से हाथियों की निगरानी की व्यवस्था शुरू की है।
ऐप से ऐसे रखी जाएगी नजर
यह ऐप हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करेगा। जिस क्षेत्र में हाथियों का मूवमेंट होगा, वहां तैनात वनरक्षक या टाइगर रिजर्व का कर्मचारी उनकी तस्वीरें खींचकर ऐप पर जानकारी अपलोड करेगा।
इसके बाद, उस क्षेत्र के आसपास ‘गज रक्षक’ ऐप का उपयोग करने वाले लोगों को एसएमएस के जरिए हाथियों के झुंड की जानकारी मिल जाएगी। इससे लोग सतर्क हो सकेंगे और मानव-हाथी द्वंद की स्थितियां कम होंगी।
ट्रेनिंग में ये पॉइंट कर्मचारियों को बताए गए
हाथी दिखने के बाद एप को ओपन कर फोटो अपलोड करने के साथ लोकेशन की डिटेल डालना है।
सिंगल हाथी और झुंड में हाथियों की डिटेल डालना..ताकि ये स्पष्ट रही की हाथी झुंड में है कि अकेला है।
एप में अपलोड करने के बाद उस क्षेत्र के लगभग 10 किलोमीटर एरिया में जो ऐप यूजर हैं। उनके पास हाथी की डिटेल का मैसेज पहुंच जाएगा।
कर्मचारियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
फिलहाल, ‘गज रक्षक’ ऐप का उपयोग केवल टाइगर रिजर्व के कर्मचारी कर रहे है। कर्मचारियों को इस ऐप के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अब तक लगभग 100 कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जो अन्य टाइगर रिजर्व की तुलना में सबसे अधिक है।

जल्द ऐप का उपयोग आम लोग कर पाएंगे
बांधवगढ़ के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट ने यह प्रशिक्षण दे रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में सभी फील्ड स्टाफ को इस प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। यह ऐप अभी विभागीय उपयोग के लिए है, लेकिन जल्द ही इसे आम जनता के लिए भी जारी किया जाएगा। इससे मानव और हाथी के बीच सह-अस्तित्व को मजबूत करने में व्यापक सहयोग मिलेगा।