मासूम के टुकड़े करने वाला पुलिस में जाना चाहता था: बच्चे की मां बोली- मुझे लगा पति को मारने आया है, बेटे ने क्या बिगाड़ा था? – kukshi News

मासूम के टुकड़े करने वाला पुलिस में जाना चाहता था:  बच्चे की मां बोली- मुझे लगा पति को मारने आया है, बेटे ने क्या बिगाड़ा था? – kukshi News


धार जिले के कुक्षी में शुक्रवार को पांच साल के मासूम के टुकड़े करने वाला आरोपी पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। आरोपी ने पहले बच्चे के पिता पर भी वार किया, लेकिन वह झुक गया इसलिए बच गया। माता-पिता और अन्य लोगों के जहन में एक ही सवाल है कि आखिर इकलौते

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घटना के बाद दैनिक भास्कर की टीम मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर आली गांव के पास धूलबयड़ी पहुंची। यहां मासूम की माता-पिता से बात कर घटना को समझने की कोशिश की। साथ ही, आरोपी के भाई से भी बात की। पढ़िए रिपोर्ट…

एएसपी विजय डावर ने बताया कि शुक्रवार सुबह पांच साल के विकास भूरिया की घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी महेश मायड़ा (24) ने फालिया (धारदार हथियार) से बच्चे के तीन टुकड़े कर दिए। बच्चे की मां सोनाबाई पर भी हमला किया। घटना के बाद लोगों ने आरोपी को पकड़कर बांध दिया। उसकी पिटाई भी की। अस्पताल में इलाज के दौरान महेश ने दम तोड़ दिया।

पांच साल के विकास भूरिया की शुक्रवार सुबह हत्या कर दी गई।

एक ही सवाल- दुश्मनी नहीं, तो मासूम को क्यों मारा कुक्षी से आलीराजपुर स्टेट हाईवे पर 10 किलोमीटर दूर मेन रोड से लगा है धूलबयड़ी मोहल्ला। करीब दो किलोमीटर आगे आली गांव है। मुख्य मार्ग से 100 मीटर दूर कालू सिंह का घर है। 20 बाय 30 का मकान है। तीन कमरे और रसोई बनी है। दीवारों पर प्लास्टर नहीं है। मकान के पीछे एक बीघा खेत भी है। मकान में से एक रास्ता खेत की ओर खुलता है।

सोनाबाई खेती देखती है। समय-समय पर पति कालू भी मदद करता है। वैसे, वह पेशे से ड्राइवर है। दो बेटी राधिका और दिव्या हैं। सबसे छोटा इकलौता बेटा पांच साल का विकास भूरिया था। आसपास चार-पांच घर हैं, इनमें परिवार के लोग ही रहते हैं।

घटना के बाद घर के बाहर करीब 15 से 20 रिश्तेदार इकट्‌ठा थे। जिस कमरे में मासूम की हत्या हुई, वहां अब भी खून फैला है। इन्हीं निशानों को देखकर मां सोनाबाई रह-रहकर रोए जा रही है। इसी कमरे में फालिया, तीर-कमान टंगे रहते हैं। मां सोनाबाई और मौजूद लोगों के जहन में एक ही सवाल था कि आरोपी ने निर्दोष बच्चे को क्यों मारा। दोनों का एक-दूसरे से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था। न कोई दुश्मनी और न पहचान। फिर इतनी बेरहमी से मासूम को क्यों मार डाला? आसपास के लोग डर के मारे सामने नहीं आ रहे।

कमरे में खून फैला हुआ है। इसे देख-देखकर मां सोनाबाई रोए जा रही है।

कमरे में खून फैला हुआ है। इसे देख-देखकर मां सोनाबाई रोए जा रही है।

क्या हुआ था वारदात वाले दिन

पहले पति पर वार किया, फिर बेटे को मार डाला सोनाबाई ने बताया, शुक्रवार सुबह करीब सवा 10 बजे थे। मैं एक कमरे में काम कर रही थी। पास ही विकास भी खेल रहा था। पति बाहर काम कर रहे थे। बेटियां भी उनके पास ही थीं। इसी दौरान महेश मायड़ा घर के अंदर आ गया। वह इसी कमरे में रखी खटिया पर बैठ गया। वह पैरों में चप्पल नहीं पहने था। मैंने उसे देखकर पूछा कि पावागढ़ से आए हो क्या? रास्ता भूल गए हो? तुम कौन हो? उसने कुछ नहीं बोला।

दो-तीन मिनट तक इधर-उधर देखता रहा। उसने पानी भी मांगा। मैंने उसे पानी पिलाया। फिर पति को आवाज दी। कहा- इन्हें सड़क तक रास्ता दिखा दो। पति अंदर आए। इसी दौरान युवक ने दीवार पर टंगा फालिया देखा और उठा लिया। वह फालिया लहराने लगा। उसने पति पर वार कर दिया, लेकिन वह झुक गए, इसलिए बच गए। यह देख दोनों चिल्लाए।

मुझे लगा कि युवक पति को मारने आया है। मैंने चिल्लाकर पति को पीछे के दरवाजे से भागने के लिए कहा। यह सुनकर पति बाहर की ओर भागे। इसी दौरान बेटियां भी अंदर आ गई थीं। मैं दोनों को लेकर वहां से पीछे के दरवाजे से बाहर भागी। हड़बड़ाहट में विकास वहीं रह गया। ध्यान आया, तो वापस बेटे को लेने अंदर दौड़ी।

इसी दौरान आरोपी ने फालिए से मेरे सामने बेटे की गर्दन पर वार कर दिया। उसने दो वार और किए। मेरे सामने बेटे के तीन टुकड़े कर दिए। कमरे में खून बिखर गया। मैं सन्न रह गई। कुछ समझ नहीं आया। उसका हाथ पकड़ने वाली थी, तो मुझ पर भी वार किया। मैं पीछे हट गई, लेकिन वार कंधे पर लगा। उसके तो जैसे सिर पर खून सवार था। मैं समझ गई कि ये मुझे भी मार डालेगा, तो मैं भी भागी।

बाहर शोर मचाने लगी, तब आसपास के लोग और पति आए। वह खून से सना फालिया लेकर मुख्य दरवाजे पर खड़ा हो गया। करीब पांच मिनट तक वहीं खड़ा रहा। उसके पास जाने की किसी की हिम्मत नहीं हुई। इतने में गांव वाले इकट्‌ठे हुए, तब उन्होंने उसे पकड़ कर रस्सी से बांध दिया। पुलिस को सूचना दी।

आरोपी ने सोनाबाई के हाथ पर भी वार किया था।

आरोपी ने सोनाबाई के हाथ पर भी वार किया था।

भीड़ ने आरोपी को बांधकर पीटा बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद गुस्साए लोगों ने आरोपी को पकड़कर बांध दिया। इसके बाद उसकी जमकर पिटाई की। अस्पताल में आरोपी की इलाज के दौरान मौत हो गई। हालांकि इस बारे में जब दैनिक भास्कर की टीम ने लोगों से पूछा, तो दबी जुबान से तो उन्होंने स्वीकार किया, लेकिन कोई भी कैमरे पर आने को तैयार नहीं हुआ। लोगों का कहना था कि उस वक्त आरोपी के सिर पर खून सवार था। अगर उसे छोड़ देते या नहीं पकड़ते तो शायद वह और लोगों को भी मार डालता। पुलिस के डर से लोग सामने भी नहीं आ रहे। उन्हें डर है कि कहीं पुलिस उन्हें आरोपी न बना दे।

आरोपी ने पहले कालू सिंह पर ही वार किया था, लेकिन वह झुक गया। इसके बाद भाग गया।

आरोपी ने पहले कालू सिंह पर ही वार किया था, लेकिन वह झुक गया। इसके बाद भाग गया।

आरोपी का भाई बोला- सुबह बाइक लेकर निकला था आरोपी महेश मायड़ा (24) आलीराजपुर जिले के जोबट में वागदी गांव का रहने वाला था। आरोपी के भाई कलम सिंह ने बताया कि परिवार में पांच भाई हैं। महेश सबसे छोटा था। तीन भाई अलग रहते हैं। 10 साल पहले पिता की मौत के बाद वह मेरे साथ रहता था। उसे खर्च में कोई कमी नहीं होने दी। एक मकान में हम रहते हैं, दूसरा मकान बन रहा है।

पिछले कुछ दिन से महेश इसी मकान पर सोता था। इसके अलावा, वह खेती में हाथ बंटाता था। पढ़ने में भी सामान्य था। साल 2021 में बीए फर्स्ट ईयर के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। घर से ही पुलिस में भर्ती की तैयारी करने लगा था। पहले सामान्य व्यवहार करता था। पिछले पांच दिन से अजीब हरकतें करने लगा था। एक बार अपने ही हाथ के कड़े से माथे और दीवारों को ठोकता था।

तांत्रिक के कहने पर रिश्तेदार के यहां रुकवाया था आलीराजपुर में तांत्रिक के पास उसे ले गए थे। काला धागा भी बांधा था। तांत्रिक ने कहा था कि इस पर बुरी आत्मा का साया है। कुछ दिन इसे घर मत ले जाना। किसी रिश्तेदार के यहां रुकवाना है। गुरुवार शाम जोबट के पास ही खारी गांव में जीजा गणसिंह के यहां उसे छोड़ दिया। शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे बाइक लेकर निकल गया।

थाने में आरोपी बोला- मैं बढ़िया हूं वागदी गांव के सरपंच बीरबल के पास पुलिस का फोन आया। सरपंच ने मुझे कॉल कर घटना के बारे में बताया। इसके बाद सभी लोग कुक्षी थाने पर आए। यहां भाई से बात भी की। उसने कहा कि मैं बढ़िया हूं। मेरे ही सामने पुलिस ने उसे अस्पताल भेजा था। भाई दोषी तो था। पता नहीं उसने बच्चे को क्यों मारा। हमारी समझ में भी नहीं आ रहा। कालू सिंह से हमारी कोई जान-पहचान भी नहीं है।

एडिशनल एसपी विजय डावर ने कहा –

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मामले की जांच जारी रहेगी। न्यायिक जांच की जा रही है। मजिस्ट्रेट ने आरोपी के परिवार के 6 लोगों के बयान लिए हैं।

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शासकीय अभियोजक राजेंद्र गुप्ता का कहना है –

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ऐसे मामले, जिनमें आरोपी की भी मौत हो चुकी है। पुलिस और न्यायिक जांच में कोई अन्य तथ्य आते हैं, तो कार्रवाई हो सकती है। अन्यथा ऐसे प्रकरण आगे चलकर खत्म ही होंगे।

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मां के सामने 5 साल के बेटे का सिर काटा

धार में घर में घुसकर 5 साल के बच्चे की हत्या कर दी गई। आरोपी ने धारदार हथियार से मासूम के दो टुकड़े कर दिए। बचाने आई मां पर भी हमला किया। आरोपी की पहचान महेश मायड़ा निवासी जोबट के रूप में हुई है। फिलहाल, वारदात की वजह का पता नहीं चल पाया है। पढ़ें पूरी खबर



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