मेला घुमाने के बहाने चार साल की बच्ची का अपहरण: 65 किलोमीटर दूर जबलपुर में मिली, निर्माणाधीन बिल्डिंग में छिपा रखा था;आरोपी मामा-भांजे गिरफ्तार – Jabalpur News

मेला घुमाने के बहाने चार साल की बच्ची का अपहरण:  65 किलोमीटर दूर जबलपुर में मिली, निर्माणाधीन बिल्डिंग में छिपा रखा था;आरोपी मामा-भांजे गिरफ्तार – Jabalpur News


सिवनी जिले के धूमा में चार साल की मासूम बच्ची तनुश्री का दो युवकों ने अपहरण कर लिया। दोनों आरोपी बच्ची को “मेला घुमाने” के बहाने बाइक पर बैठाकर ले गए थे। नानी ने पहले खुद बच्ची को ढूंढ़ने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं मिली तो अगले दिन थाने में शिकायत

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शिकायत मिलते ही सिवनी और आसपास के जिलों की पुलिस अलर्ट हो गई। लगातार सर्चिंग अभियान चलाकर पुलिस ने 24 घंटे में बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया और दोनों अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।

ऐसे हुआ अपहरण

25 सितंबर की दोपहर बच्ची अपने घर के बाहर आंगन में दोस्तों के साथ खेल रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले दोनों युवक उसे बहला-फुसलाकर ले गए। उस समय बच्ची की नानी खेमवती घर के अंदर खाना बना रही थी। शाम तक जब बच्ची वापस नहीं लौटी और खाना खाने के लिए बुलाने पर भी उसका जबाव नहीं आया, तो नानी ने मोहल्ले में ढूंढा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रातभर तलाश के बाद भी बच्ची नहीं मिलने पर उन्होंने पुलिस से मदद मांगी।

मां नागपुर में करती हैं नौकरी

मासूम तनुश्री अपनी नानी के साथ धूमा में रहती है। उसकी मां नागपुर में प्राइवेट नौकरी करती हैं, जबकि पिता अलग रहते हैं।

रूपेश धूमा के पास मढ़देवरी गांव का रहने वाला है, जो कि भांजे के साथ जबलपुर में काम करता था।

पोस्टर लगाए-कैमरे खंगाले

एसडीओपी अपूर्व भलावी के नेतृत्व में धूमा, लखनादौन और छापरा थाने की पुलिस ने बच्ची की तलाश शुरू की, इसके साथ ही पड़ोसी जिले में बच्ची की फोटो भेजी गई। धूमा और आसपास के इलाकों में लगे 60 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए पर अपहरणकर्ता और बच्ची कहीं भी नजर नहीं आई। एसडीओपी ने फौरन बच्ची की फोटो के साथ गुमशुदगी की पोस्टर छपवाए और सिवनी, नरसिंहपुर, जबलपुर सहित ग्रामीणों क्षेत्रों में बंटवाते हुए तलाश शुरू की।

नानी ने रूपेश पर जताया शक

बच्ची तनुश्री को लगातार पुलिस तलाश कर रही थी, इस बीच नानी खेमवती ने एसडीओपी को बताया कि पड़ोस के गांव में रहने वाला रूपेश अक्सर उनके घर आया करता था, जो कि बच्ची को बाइक में साथ घुमाया करता था। धूमा पुलिस फौरन रूपेश के गांव मढ़देवरी पहुंची, जहां उसके पिता वीरन से पूछताछ की। उसने बताया कि दो दिन से वह घर नहीं आया है। गांव में ही रहने वाला उसका भांजा यशवंत भी गायब है।

पुलिस को यह समझने में देर नहीं लगी कि यहीं दोनों लोग बच्ची का अपहरण कर साथ में ले गए हैं। पूछताछ के दौरान पता चला कि रूपेश जबलपुर में रहकर निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम करता है। सिवनी पुलिस ने जबलपुर पुलिस से संपर्क किया। एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर एएसपी क्राइम जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में सीएसपी रितेश कुमार शिव लार्डगंज और मदनमहल पुलिस के साथ उन स्थानों पर बच्ची को तलाश कर रहे थे, जहां पर कि कभी रूपेश काम करता था।

कुछ माह पहले भी ले गया था साथ में

बच्ची की नानी ने सिवनी पुलिस को यह भी बताया कि कुछ माह पहले भी तनुश्री जब घर पर थी, तब रूपेश बाइक लेकर आया और उसे कुछ देर के लिए साथ में ले गया। करीब दो से तीन घंटे बाद जब लौटकर घर आया तो उसे बहुत डांटा था, तब उसने कहा था कि बच्ची बाइक में घूमने की जिद कर रही थी, इसलिए उसे बिस्किट दिलाने ले गया था।

जबलपुर सिवनी पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अपहरणकर्ताओं को पकड़ा।

जबलपुर सिवनी पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अपहरणकर्ताओं को पकड़ा।

निर्माणाधीन बिल्डिंग में रखा था बच्ची को

सीएसपी रितेश कुमार शिव टीम के साथ शहर के कई इलाकों में बच्ची को तलाश कर रहे थे। जानकारी लगी कि बल्देवबाग क्षेत्र में बन रही निर्माणाधीन बिल्डिंग में कुछ दिनों पहले तक रूपेश काम करता था। अंदेशा जताया गया कि हो सकता है, आरोपी बच्ची के साथ यहीं पर छिपा हो।

सीएसपी ने टीम के साथ मौके पर जाकर दबिश दी तो वहां पर रूपेश और यशवंत बच्ची के साथ छिपे मिल गए। पुलिस ने फौरन बच्ची को कब्जे में लेते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और फिर सिवनी पुलिस के हवाले कर दिया।

आरोपी बोला-घुमाने लाया था

पुलिस की पूछताछ में रूपेश और यशवंत लगातार गुमराह करते रहे, कभी कहते कि मेला गए थे, जरूरी काम आ जाने से जबलपुर आ गए, कभी कहते कि बच्ची जबलपुर में दुर्गा माता देखने की जिद कर रही थी, इसलिए उसे ले आए।

पुलिस ने जब आरोपियों से पूछा कि जिस बाइक से जबलपुर आए थे, वह कहां है, तो कभी कहते कि शुकरी गांव में छोड़ दिया है, तो कभी कहते कि बरगी में खड़ी की गई है। रूपेश का कहना है कि धूमा से बच्ची को लेकर घूमने निकले थे, कुछ दूर तक आने के बाद शराब पी, इसके बाद होश नहीं कि कब जबलपुर आ गए। पुलिस आरोपियों की बाइक अभी भी तलाश कर रही है।

बच्ची को सुरक्षित खोजना चुनौती थी

सीएसपी रितेश कुमार शिव ने बताया कि

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तनुश्री को सुरक्षित दस्तयाब करना जबलपुर और सिवनी पुलिस के लिए चुनौती थी। एसडीओपी धूमा अपूर्व भलावी ने संपर्क किया और तनुश्री के फोटो के साथ आरोपियों का नाम और हुलिया बताया। 27 सितंबर की रात रूपेश और यशवंत को हिरासत में लेकर धूमा पुलिस को सौंप दिया है। आगे की कार्रवाई सिवनी पुलिस कर रही है।

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