सिंगरौली जिले के आदिवासी इलाके चितरंगी में शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। चितरंगी के लमसरई शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार से क्रमिक अनशन शुरू क
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ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में प्राचार्य उदय बहादुर सिंह नाममात्र के हैं, जबकि उनका पूरा काम उनके बेटे द्वारा किया जा रहा है। अनशन पर बैठे पूर्व जिला पंचायत सदस्य लल्ला राम पांडे ने बताया कि प्राचार्य उदय बहादुर सिंह पिछले 10 वर्षों से यहां पदस्थ हैं और स्कूल में पठन-पाठन व्यवस्था पूरी तरह ठप है।
धरने पर बैठे किसान।
पांडे ने यह भी बताया कि शिक्षकों में गुटबाजी है, जिससे बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने कई बार प्राचार्य के स्थानांतरण या लापरवाही की जांच कर उन्हें निलंबित करने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, इसलिए उन्हें अनशन पर बैठना पड़ा है।
इस मामले में प्राचार्य उदय बहादुर सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला।
रीवा भेजी शिकायत
जिला शिक्षा अधिकारी एसबी. सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से इस संबंध में शिकायत की गई है। जिला कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला के माध्यम से रीवा संभाग कमिश्नर को शिकायत भेजी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक से दो दिनों में प्राचार्य उदय बहादुर सिंह के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित है।
यह सिर्फ एक विद्यालय का मामला नहीं है। चितरंगी के आदिवासी इलाके में ऐसे कई विद्यालय हैं, जहां प्राचार्य और शिक्षकों की मनमानी के कारण छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय है।