रायसेन जिले के बेगमगंज में सोमवार को खाद की किल्लत से नाराज किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। खाद वितरण में अव्यवस्था के चलते किसानों ने दो बार सागर-भोपाल मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इससे कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और लोगों को भारी परेशानियों
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सुबह से लाइन में लगे रहे किसान, नहीं मिला खाद
किसानों का कहना है कि वे सुबह से वेयरहाउस के बाहर लाइन में लगे थे, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिली। व्यवस्था की अनदेखी और धक्का-मुक्की से परेशान होकर किसानों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। यह जाम करीब एक घंटे तक चला। मौके पर पहुंचे एसडीओपी आलोक श्रीवास्तव और तहसीलदार प्रमोद उइके ने किसानों को समझाकर जाम समाप्त कराया।
कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में दोबारा किया प्रदर्शन
हालात तब और बिगड़ गए जब टोकन वितरण के दौरान धक्का-मुक्की हुई और फिर भी समाधान नहीं निकला। किसानों ने कांग्रेस नेता राजेंद्र सिंह तोमर को सूचना दी। उनके साथ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा, प्रकाश पटेल, संजय राय, रशीद मंसूरी और गोविंद साहू भी मौके पर पहुंचे। इन नेताओं के नेतृत्व में किसानों ने दोबारा सागर-भोपाल मार्ग को जाम कर दिया और सड़क पर ही धरना दे दिया।
प्रशासन ने दिए आश्वासन, तब जाकर खुला जाम
करीब एक घंटे तक चले दूसरे जाम के बाद एसडीएम सौरभ मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर और उच्च अधिकारियों से मोबाइल पर बातचीत की और किसानों से आश्वासन साझा किया। तय हुआ कि अगले तीन दिनों में मौजूदा स्टॉक का वितरण किया जाएगा, जबकि आठ दिन के भीतर 50 टन अतिरिक्त खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशासन ने यह भी घोषणा की कि वितरण प्रक्रिया को सुचारु करने के लिए तीन काउंटर शुरू किए जाएंगे और सोसायटियों के माध्यम से भी खाद वितरण कराया जाएगा। इस आश्वासन के बाद किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त किया।

दशहरे पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं और किसानों ने साफ कहा है कि यदि प्रशासन ने खाद की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया, तो दशहरे के दिन कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष किसान काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे। किसानों ने सरकार को चेताया है कि यह सिर्फ शुरुआत है, समाधान नहीं मिला तो आंदोलन और तेज होगा।
