भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया फाइनल मुकाबला ड्रामे से भरा रहा. शुरुआत से चला आ रहा विवाद अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा है. टीम इंडिया ने रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर इतिहास अपने नाम किया. मैच जीतने के बाद सभी की निगाहें ‘इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द मैच’ पर थी. नियम के अनुसार सपोर्ट स्टाफ का मेम्बर इस अवॉर्ड को देता है. इस बार ये मौका फिजियोथेरेपिस्ट कमलेश जैन को दिया गया. दुबे के फाइनल मुकाबले में ऑलराउंड प्रदर्शन ने सभी का दिल जीत लिया.
खुद को किया साबित
प्रेजेंटेशन के दौरान जैन ने कहा, ” ये मेडल देने का सबसे अच्छा दिन था. एक बड़ा दिन था, बड़ा मैच था, और सभी को उम्मीद थी आज शिवम दुबे अच्छा प्रदर्शन करेंगे और उन्होंने निराश नहीं किया. फिर चाहे पहले ओवर में गेंदबाजी करना हो. या फिर मौके के समय पर बाउंड्री लगाना हो जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी. शिवम ने बल्ले से परफॉर्म कर खुद को साबित कर के दिखाया कि क्यों उन्हें ‘इमपैक्ट प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब क्यों मिलना चाहिए था.
सबके सामने बोला सच
दुबे ने भारत के खिताब जीतने में खास प्रदर्शन किया. उन्होंने मैच के दौरान उनके ऊपर आए प्रेशर के बारे में खुलकर ईमानदारी से बात की. उन्होंने कहा, ” मैच का पहला ओवर फेंकना बहुत ही ज्यादा प्रेशर वाला काम था. अगर मैं कहूं मैं प्रेशर में नहीं था तो वो झूठ होगा. साथ ही मैं बहुत डरा हुआ भी था. हालांकि, सबने मेरा खूब साथ दिया और मैंने अच्छे से फेंका. ” दुबे के इस कनफेश्न के बाद सभी खिलाड़ी हस पड़े और खुशी से उनके लिए तालियां बजाने लग गए फिर जाकर माहौल हल्का हुआ.
दुबे का ऑलराउंड प्रदर्शन
शिवम दुबे ने काफी शानदार गेंदबाजी की. पावरप्ले के दौरान भी महज 12 रन देकर पाक का स्कोर तेजी से बढ़ने से रोका. उन्होंने ओवरऑल 3 ओवरों में 23 रन दिए. साथ ही बल्ले के साथ भी दुबे ने जबरदस्त प्रदर्शन किया. उन्होंने 22 गेंदों में 33 रन जमाए, जिसमें 2 चौके और 2 छक्के शामिल थे. अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने तब बाउंड्री जमाई जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी.