सतपुड़ा पहाड़ी पर 580 साल से विराजित नगरी माता: नवरात्र में बनी आस्था का केंद्र, उमड़ रही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ – Barwani News

सतपुड़ा पहाड़ी पर 580 साल से विराजित नगरी माता:  नवरात्र में बनी आस्था का केंद्र, उमड़ रही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ – Barwani News


बड़वानी जिले के अंजड़ नगर में नवरात्र के दौरान नगरी माता मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। सतपुड़ा की पहाड़ी पर स्थित इस प्राचीन मंदिर में हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। पूरे नगर में भक्तिमय माहौल है, जहां जगह-जगह माता के पंडाल सज

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नवरात्र में प्रतिदिन अंजड़ सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से हजारों भक्त माता के दरबार में शीश नवाने आ रहे हैं। मंदिर में सुबह से देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहता है। इन व्यवस्थाओं को संभालने के लिए लगभग 125 से 150 सेवादार दिन-रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

नगर के मध्य सतपुड़ा की हरी-भरी पहाड़ी पर नगरी माता का यह अतिप्राचीन मंदिर स्थित है। यहां बड़ी इंजुमाता और छोटी नगु माता की मूर्तियां पिंडी के रूप में स्थापित हैं, जो लगभग 580 वर्षों से विराजित हैं। यह मंदिर नगर की सबसे ऊंची पहाड़ी पर होने के कारण सभी का ध्यान आकर्षित करता है।

बड़े-बुजुर्गों के अनुसार, इस मंदिर ने मुगल और अंग्रेजों के शासनकाल सहित कई दौर देखे हैं। मान्यता है कि सैकड़ों वर्षों में कई प्राकृतिक आपदाओं और तत्कालीन अत्याचारों से नगु माता ने नगर की रक्षा की थी, इसलिए इन्हें ‘नगर की माता’ यानी नगरी माता के नाम से जाना जाता है। भक्तों का मानना है कि सच्चे मन से अर्जी लगाने पर माता सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।

नवरात्र के अवसर पर नगरी माता मंदिर और पूरे प्रांगण को आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों से सजाया गया है। इन दिनों सतपुड़ा की पहाड़ी रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठी है, जिससे यहां का दृश्य और भी मनमोहक हो गया है।

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ये आयोजन हाे रहे नवरात्र पर्व पर सुबह 4 बजे से रोजाना अलग-अलग माताओं का आह्वान कर माता का पूजन अर्चन व नवचंडी पाठ किया जा रहा है तथा प्रतिदिन दोनों माताओं का अलग-अलग रूपों में आकर्षक शृंगार किया जा रहा है। सुबह 7:30 बजे आरती की जा रही है, वहीं शाम 7:30 बजे सैकड़ों भक्तों की उपस्थिति में संगीतमय आरती कर साबूदाने से बनी खिचड़ी की प्रसादी का वितरण किया जा रहा। रात 8 बजे से नगरी माता प्रांगण में गरबा रास का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हजारों की संख्या में माता, बहनें व पुरुष अलग-अलग गरबा रास कर माता की आराधना कर रहे हैं। नवमी पर होगा हवन व कन्याभोज नगरी माता समिति के सदस्यों ने बताया कि नवमी पर दोपहर 1 बजे से नवचंडी यज्ञ कराया जाएगा, जिसमें क्षेत्र की खुशहाली व समृद्धि की कामना को लेकर कई प्रकार की औषधियों से आहुतियां प्रदान की जाएगी। शाम 6 बजे यज्ञ की पूर्णाहुति कर कन्या पूजन व कन्या भोज के बाद हलुवे की प्रसादी का वितरण किया जाएगा।



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