मुरैना के नेहरू पार्क पर पिछले पांच दिनों से गो-सेवक धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि मध्यप्रदेश सरकार गाय को ‘राजमाता’ घोषित करे। गो-सेवक दिन-रात बारी-बारी से धरना दे रहे हैं और टेंट लगाकर आंदोलन को जारी रखे हुए हैं।
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गोसेवकों ने कहा कि गाय हिंदू संस्कृति में पूजनीय है, लेकिन आज सड़कों पर भूखी-प्यासी भटक रही है। अगर सरकार गाय को ‘राजमाता’ का दर्जा देती है, तो उसके पालन-पोषण और इलाज की जिम्मेदारी भी तय होगी। इससे आवारा मवेशियों के कारण होने वाले हादसे भी कम होंगे।
धरने पर क्या बोले गोसेवक गोसेवक रुद्र राठौर ने कहा हम पांच दिन से धरने पर हैं। हमारी टीम क्रम से यहां आकर सहयोग दे रही है। लोग अब गाय को बोझ मानने लगे हैं। अगर सरकार जिम्मेदारी लेगी तो गाय निराश्रित नहीं रहेगी।
धरनास्थल पर मौजूद गौ सेवकों का कहना है कि वे व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि हिंदू धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए यह मांग कर रहे हैं। उनका सवाल है कि जब भाजपा सरकार खुद को हिंदुत्व से जोड़ती है, तो गाय को ‘राजमाता’ घोषित करने में देर क्यों हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग निजी खर्चों से घायल और बीमार गायों की सेवा कर रहे हैं, जबकि सरकार के पास संसाधन होते हुए भी ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।