एसटीआर के कोर गेट का शेड्यूल बदला: बारिश के कारण पर्यटकों को करना होगा इंतजार, अब 11 अक्टूबर से खुलेंगे टाइगर रिजर्व के गेट – narmadapuram (hoshangabad) News

एसटीआर के कोर गेट का शेड्यूल बदला:  बारिश के कारण पर्यटकों को करना होगा इंतजार, अब 11 अक्टूबर से खुलेंगे टाइगर रिजर्व के गेट – narmadapuram (hoshangabad) News


मढ़ई के गेट पर्यटकों के लिए 11 अक्टूबर से खुलेंगे

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) के कोर क्षेत्र में वन्यप्राणियों को देखने के लिए पर्यटकों को इस साल 11दिन अतिरिक्त इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि 1 अक्टूबर के बजाय 11 अक्टूबर से कोर क्षेत्र मढ़ई, चूरना कामती रेंज के गेट खुलेंगे।

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गेट देरी से खुलने की वजह सितम्बर के आखिरी सप्ताह में हुई झमाझम, मूसलाधार बारिश है। जिससे कोर क्षेत्र में जंगल सफारी करने वाली कच्ची सड़कों की हालत बिगड़ गई है। जहां सफारी के लिए जिप्सी चल पाना मुश्किल है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में भी भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने व्यक्त की है।

एसटीआर ने सूचना जारी की है।

1 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक की बुकिंग आई बारिश को देखते हुए एसटीआर प्रबंधन ने पर्यटकों के लिए कोर क्षेत्र के गेट खोलने के शेड्यूल में बदलाव किया है। पहले से 1 से 10 अक्टूबर तक की बुकिंग करके रखने वाले पर्यटकों को राशि लौटाई जाएगी। तीन साल पहले भी बारिश के चलते एसटीआर का कोर क्षेत्र 14 से 20 अक्टूबर तक के लिए बंद कर दिए गए थे।

जिप्सी से पर्यटक जंगल सफारी करते है।

जिप्सी से पर्यटक जंगल सफारी करते है।

बारिश के कारण बढ़ाई गई डेट एसटीआर की फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने बताया बारिश होने से जंगल सफारी करने वाली सड़कों की हालत खराब है। 5,6 अक्टूबर तक भी बारिश की संभावना है। इसलिए इस बार 11 अक्टूबर से पर्यटक कोर क्षेत्र में जंगल सफारी कर पाएंगे। बारिश और होती है तो गेट खुलने की तारीख ओर बढ़ाई जाएगी। शुरुआत में सभी 185 बीटों पर सैलानियों को लेकर जिप्सी नहीं पहुंच पाएगी। शुरुआती दिनों में 60, 70 बीटों पर सैलानी घूम सकेंगे। जैसे ही रास्ते ठीक होंगे, सभी टूरिस्ट पॉइंट पर सैलानियों को ले जाया जाएगा।

एसटीआर में 70 से अधिक बाघ और उनकी फैमिली है।

एसटीआर में 70 से अधिक बाघ और उनकी फैमिली है।

बफर में हो रही जंगल सफारी 30 जून से एसटीआर के गेट बंद हैं, जो एक अक्टूबर को खुलते है, बारिश के चलते इस बार 1 अक्टूबर के बजाय 11 अक्टूबर की सुबह से पर्यटक यहां आकर लुत्फ उठा सकेंगे। इसके पहले किराया को भी अपडेट कर दिया गया है। अभी बफर में जंगल सफारी हो रही है। एसटीआर में देश-विदेश के लाखों पर्यटक हर साल आते हैं हाल ही में सोलर बोट भी शामिल की है।

11 अक्टूबर से गेट खुलेंगे।

11 अक्टूबर से गेट खुलेंगे।

पिछले साल करीब 2.80 लाख पर्यटक आए पिछले साल 2.80 लाख पर्यटक आए थे। बफर में तो आने का सिलसिला साल भर चलता है। पचमढ़ी में भी काफी पर्यटक आते हैं।

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में हैं 70 से अधिक बाघ वो अन्य वन्यप्राणी एसटीआर में कई वन्यप्राणी हैं। इसमें 70 से अधिक हैं। बारहसिंगा 233 हैं। बायसन, तेंदुए आदि वन्यप्राणी हैं। इन्हें देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। इसके अलावा तेंदुआ, मोर, बारहसिंगा, बायसन सहित अन्य वन्यप्राणी भी हैं। एसटीआर में पर्यटकों का स्वागत एक तारीख को किया जाएगा। तवा बांध का बैंक वाटर भी यहां अभी है। इसलिए तय होना है कि पहले किस-किस बीट पर पर्यटकों को ले जाया जाएगा।

एसटीआर में बाघ अठखेलियां करते दिखाई देते हैं।

एसटीआर में बाघ अठखेलियां करते दिखाई देते हैं।

तीन साल पहले भी खुलकर बंद हुए थे गेट

एसटीआर के कोर क्षेत्र के गेट तीन साल पहले 2022 में भी खुलकर बंद हो चुके है। 1अक्टूबर को गेट खुले थे। लेकिन बारिश होने से 14 अक्टूबर से गेट बंद कर दिए थे। जिसे 21 अक्टूबर से दोबारा खोला गया था।

मढ़ई में बोट से पर्यटक कोर क्षेत्र में जाते है।

मढ़ई में बोट से पर्यटक कोर क्षेत्र में जाते है।

ये प्रमुख रुट मढ़ई में झुनझुन महल सबसे खास जगह है। यहां पर पांडवों के समय का पुराना मंदिर है। इसमें सभी तरह की देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं। इसके अलावा लगदा कैंप, सोनभद्रा नदी, शंकरगढ़, कैरिया राउंड, देवगढ़, चूरना, सोमगढ़, कामती रेंज सहित अन्य रेंज और रूट हैं।



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