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Chaminda Vaas Career: क्रिकेट के मैदान पर रिकॉर्ड तो बनते और टूटते रहते हैं लेकिन एक रिकॉर्ड ऐसा है, जिसे पिछले 24 साल में भी कोई बॉलर तोड़ नहीं पाया है. यह रिकॉर्ड श्रीलंकाई बॉलर चामिंडा वास ने बनाया था.
नई दिल्ली. हर बच्चा बचपन से ही बड़े होने के बाद अपने जीवन व करियर में कुछ करने का सपना जरूर देखता है. कोई डॉक्टर बनना चाहता है तो कोई इंजीनियर. श्रीलंका के एक क्रिकेटर ऐसे भी हैं, जिन्होंने बचपन में पादरी बनने का सपना देखा. बेहद धार्मिक प्रवृति के इस बॉलर ने 12-13 साल की उम्र तक इसी दिशा में अपनी शिक्षा को तेजी से आगे बढ़ाया. फिर एक दिन अपनी उम्र के बच्चों के बीच समय बिताते हुए उनके हाथ बॉल लगी और फिर जो हुआ, किसी ने उसकी उम्मीद नहीं की थी. हम बात कर रहे हैं श्रीलंका के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाज चामिंडा वास की. वास के नाम वनडे क्रिकेट में एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे अबतक कोई नहीं तोड़ पाया है.
चामिंडा वास एक वनडे मैच में सर्वाधिक आठ विकेट लेने का कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं. साल 2001 में जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने यह कमाल करके दिखाया था. चामिंडा वास के टेस्ट करियर पर नजर डालें तो उन्होंने 111 मैचों में 355 विकेट अपने नाम किए. इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और 13 अर्धशतक भी आए. उन्होंने लगाए. 322 वन्उे में उनके नाम 400 विकेट हैं. उन्होंने साल 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. अब डेढ़ दशक बाद भी श्रीलंका की टीम को वास का विकल्प नहीं मिल पाया है.
चामिंडा वास ने विदेशी धरती पर दिलाई पहली जीत
साल 1981 में आईसीसी ने श्रीलंका की टीम को टेस्ट प्लेइंग नेशन का दर्जा दिया था. इसके बाद श्रीलंका की टीम ने अपने देश में तो खूब मैच जीते लेकिन 24 साल गुजर जाने के बावजूद वो विदेशी धरती पर खेल के सबसे लंबे प्रारूप में विजेता नहीं बन पाए. साल 1995 में श्रीलंका की टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर थी. इस टीम में 21 साल के युवा तेज गेंदबाज चामिंडा वास भी खेल रहे थे. श्रीलंका की टीम को खुद पर भी इतना भरोसा नहीं था कि वो ये मुकाबला जीत पाएंगे. इस मैच में चामिंडा वास चमके. उन्होंने दोनों पारियों के पांच विकेट हॉल अपने नाम किया. जिसके दम पर कीवी बैटर्स घुटनों पर आ गए. श्रीलंका ने मुकाबले में 241 रनों से जीत दर्ज की.
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें