छिंदवाड़ा में किडनी फेल होने से 6 बच्चों की मौत के बाद कलेक्टर ने कोल्ड्रिफ (Coldrif) और नेक्सट्रो-डीएस (Nextro-DS) बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया। बच्चों की मौत के पीछे इन दोनों सिरप को जिम्मेदार माना जा रहा है।
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इन सिरप में डायएथिलीन ग्लायकॉल केमिकल की गड़बड़ी की आशंका है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) और मध्यप्रदेश फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MP FDA) ने टीम को निर्देश दिए हैं कि बच्चों को दी गई हर दवा की जांच की जाए। ड्रग कंट्रोलर दिनेश कुमार मौर्य ने बताया-
सिर्फ दो नहीं बल्कि तीन सिरप के मुख्य रूप से सैंपल लिए गए हैं। इसमें कोल्ड्रिफ और नेक्सट्रो-डीएस के अलावा डीफ्रोस्ट (Defrost) सिरप भी शामिल हैं। इनके अलावा बच्चों को जो प्रिस्क्रिप्शन दिया गया था, उसमें लिखी हर दवा के सैंपल भी लिए गए हैं। FDA के अलावा CDSCO की टीम ने भी रैंडम चेकिंग और सैंपल कलेक्शन किया है।

तमिलनाडु-हिमाचल से आए संदिग्ध सिरप ड्रग कंट्रोलर मौर्य के मुताबिक संदिग्ध सिरप की मैन्युफैक्चरिंग तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश की कंपनियों ने की है। इन्हीं राज्यों से यह सिरप छिंदवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई हुए।
इस बारे में दोनों राज्यों के ड्रग कंट्रोलर को चिट्ठी लिखी गई है। चिट्ठी में कंपनी से लेकर बैच नंबर तक की जानकारी दी गई है, ताकि वहां संबंधित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की जांच हो सके। इधर, सैंपल का पहला बैच टेस्टिंग के लिए भेजा जा चुका है। रिपोर्ट आने पर जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
CDSCO ने पूरे प्रदेश में जांच पड़ताल की FDA के अनुसार, CDSCO की टीम ने पूरे प्रदेश से जांच कर संदिग्ध सिरप के सैंपल लिए हैं। यह प्रक्रिया रैंडम कलेक्शन के तहत की गई है, ताकि बड़े स्तर पर खतरे की सही स्थिति का अंदाजा लगाया जा सके।
जिलों की टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश ड्रग कंट्रोलर मौर्य ने कहा कि सभी जिलों की टीम को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी तरह का केस आते ही तत्काल रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। वर्तमान में सभी टीमें निरीक्षण और सैंपल कलेक्शन का काम कर रही हैं।
राजस्थान में भी बच्चों की मौत, सप्लाई इंदौर से मध्यप्रदेश की तरह राजस्थान के भरतपुर (बयाना) और सीकर में भी बच्चों की किडनी में टॉक्सिन से इंजरी वाले केस सामने आए हैं। बताया गया कि डेक्सट्रोमेथॉरफन हाइड्रोब्रोमाइड वाली खांसी की सिरप पीने से बच्चे बीमार हुए और एक की मौत हो गई।
इसके बाद हेल्थ डिपार्टमेंट ने इस कॉम्बिनेशन की सभी दवाइयों के वितरण पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत इस कॉम्बिनेशन की दवाइयों की सप्लाई जयपुर की KAYSONS Pharma और इंदौर की Samkem Pharma से हो रही थी।
राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RMSCL) ने इंदौर की कंपनी की सप्लाई भी जांच पूरी होने तक रोक दी है।


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मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में किडनी फेल होने से 6 बच्चों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बच्चों की किडनी कफ सिरप की वजह से फेल हुई। बच्चों को जो कफ सिरप दिया गया था, उसमें डायएथिलीन ग्लायकॉल केमिकल में गड़बड़ी होने का संदेह है। पढ़ें पूरी खबर…