माता का विसर्जन चल समारोह निकाला गया।
सागर में दशहरे पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला देर रात तक चल रहा है। लेहदरा नाका स्थित नदी, बन्नाद घाट, चितौरा पर बेबस नदी के घाट पर माता की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है।
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विसर्जन घाटों पर प्रकाश व्यवस्था के साथ सुरक्षा की दृष्टि से नाव, तैराक और पुलिस बल तैनात किया गया है। बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए क्रेन की व्यवस्था है। क्रेन की मदद से माता की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है।
देर रात तक पुरव्याऊ टौरी पर विराजीं कांधे वाली काली अभव्या माता का विसर्जन चल समारोह निकाला जाएगा। इस दौरान कटरा बाजार में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी।
दोपहर से हुआ विसर्जन शुरू दोपहर बाद माता की प्रतिमाओं के विसर्जन चल समारोह शुरू हुए जो शहर के अलग-अलग स्थानों से निकले। चल समारोह के दौरान ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर भक्त जमकर झूमें। इस दौरान शहर में माता के जयकारे गूंजते रहे। विसर्जन चल समारोह देर रात तक निकलेंगे।
कांधे वाली काली का चल समारोह शुरू हुआ।
जगह-जगह प्रसादी का वितरण हुआ मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा प्रसाद वितरण किया चला। इसके साथ ही जल सेवा भी की। सिविल लाइन रोड, पथरिया रोड समेत शहर के बाजार में जगह-जगह स्टॉल लगे, जिसमें श्रद्धालु प्रसाद वितरण किया।
मंदिर और पंडाल स्थलों के साथ ही जगह-जगह कन्या भोज के साथ भंडारे आयोजित किए गए। मां दुर्गा जी की प्रतिमा विसर्जन से पहले माता की आरती व पूजा अर्चना की गई। कन्या भोज के साथ प्रसाद का वितरण कराया गया।
इसके बाद प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए लेहदरा नाका और चितौरा ले जाया गया। जहां प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

ढोल-नगाड़ों पर झूमते हुए निकले भक्त।

माता के दर्शन करने उमड़े भक्त।