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MP Famous Spiritual Gurus: मध्यप्रदेश में कई ऐसे संत और कथावाचक बाबा हैं, जिनकी लोकप्रियता देश विदेश तक फैली है. इनके दरबार में लाखों लोग आते है. राजनीति से लेकर फिल्म जगत तक की हस्तियां भी इनके दरबार में हाजिरी देती हैं. यही वजह है कि ये बाबा हमेशा देशभर में चर्चा में रहते हैं और प्रदेश की सियासत में भी अहम भूमिका भी निभाते हैं. जानते है मप्र के टॉप 7 बाबाओ के बारे में.
इनमें सबसे पहला नाम कथावाचक पंडित धीरेन्द्र शास्त्री का आता है. वह छतरपुर के रहने वाले है और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर है. श्रीराम जी की कथा सुनाते है. धीरेन्द्र शास्त्री अपने दिव्य दरबार और कथा शैली के लिए देश विदेश में प्रसिद्ध हैं. देशभर से नेता और उद्योगपति उनके दरबार में आशीर्वाद लेने आते हैं. केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और कई सांसद उनके प्रमुख अनुयायियों में शामिल हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके यहां हाजिरी लगा चुके है.

दूसरा सबसे बड़ा नाम कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का आता है. सीहोर पंडित प्रदीप मिश्रा आज पूरे देशभर में शिव पुराण कथा के लिए प्रसिद्ध हो चुके हैं. उनकी कथाओं में लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कैलाश विजयवर्गीय जैसे बड़े नेता उनके प्रवचन सुनने पहुंचे हैं. इतना ही नहीं, फिल्म जगत से अक्षय कुमार सहित कई हस्तियां भी उनकी कथा में नजर आ चुकी हैं.

जबलपुर के समर्थ सदगुरु अवधूत दादा गुरु महाराज भी मध्य प्रदेश के प्रभावशाली बाबाओं में से एक है. नर्मदा नदी क्षेत्रों सहित देशभर में उनके लाखों अनुयायि है. नर्मदा के संरक्षण, संवर्धन के लिए पिछले कई वर्षों से वह निराहार नर्मदा परिक्रमा कर रहे है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय सहित कई बड़े नेताओं का इनके यहां आना-जाना रहता है.

दिगंबर अखाड़ा से जुड़े श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर नामदेव त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा का नाम भी प्रदेश के बड़े ओर प्रभावशाली संतों में शामिल है. वे रामानंद संप्रदाय से जुड़े हैं और संतों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए चर्चा में रहते हैं. इंदौर से जुड़े होने के कारण प्रदेश की राजनीति में उनका सीधा असर देखा जाता है. उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा भी दिया गया था. भाजपा नेताओं के साथ उनकी नजदीकियां भी कई बार चर्चा का विषय बनी हैं.

निमाड़ – मालवा अंचल के कथकवाचक कमल किशोर नागर अपने प्रवचनों और श्रीमद भागवत कथा के लिए जाने जाते हैं. इनका जन्म खंडवा में हुआ और शिक्षा इंदौर में हुई. उनकी कथाओं में मालवा और निमाड़ क्षेत्र से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. स्थानीय स्तर पर उनके अनुयायियों में मंत्री और विधायक भी शामिल हैं.

भिंड-ग्वालियर में रावतपुरा सरकार के नाम से मशहूर रविशंकर महाराज की लोकप्रियता मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में काफी ज्यादा है. उन्होंने रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट बनाया जिसके तहत मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कई स्कूल और अस्पताल खोले गए. उनके अनुयायियों की संख्या लाखों में है. प्रदेश के कई बड़े नेता उनके आशीर्वाद लेने पहुंचते रहे हैं.

दतिया जिले के पंडोखर गांव में रहने वाले गुरुशरण शर्मा को पंडोखर सरकार के नाम से जाना जाता है. उनके दरबार में देश के कोने-कोने से लोग यहां अपनी अर्जियां लेकर पहुंचते हैं. उनका प्रभाव खासकर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में रहा है. शिवराज सिंह चौहान, उमाशंकर गुप्ता, विश्वास सारंग जैसे कई नेता उनके भक्तों में शामिल रहे हैं. धीरेन्द्र शास्त्री की तरह यह भी पर्चा निकालते है.