तिलक वर्मा, जिनका जलवा 28 अक्टूबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप 2025 के फाइनल में देखने को मिला. टीम इंडिया के इस स्टार ने 69 रनों की नाबाद पारी खेलकर पाकिस्तान के इस खिताबी जीत के सारे अरमान धो डाले थे और भारत को 9वीं बार एशिया कप का चैंपियन बना दिया. दवाब में बैटिंग करने आए तिलक इस मुकाबले में टीम इंडिया की जीत के सूत्रधार रहे. इस यादगार लम्हे को 5 ही दिन बीते हैं कि तिलक अब कंगारुओं के खिलाफ एक शानदार पारी खेलकर सुर्खियों में आ गए.
कंगारुओं के सामने बने चट्टान
दरअसल, तिलक ने इंडिया-ए के लिए खेलते हुए दूसरे अनऑफिशियल वनडे में ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ शानदार पारी खेली. कानपुर में हुए इस मैच में पहले बैटिंग करते हुए भारत की शुरुआत खराब रही. टीम के महज 17 रन के स्कोर पर ओपनिंग करने आए अभिषेक शर्मा-प्रभसिमरन सिंह और कप्तान श्रेयस अय्यर के रूप में 3 विकेट गिर चुके थे. तीन नंबर पर उतरे तिलक कंगारू गेंदबाजों के आगे चट्टान की तरह खड़े हो गए.
खेली 94 रन की जुझारू पारी
तिलक ने रियान पराग के साथ मिलकर भारत की लड़खड़ाई पारी को संभाला. हालांकि, वह बहुत करीब आकर शतक पूरा नहीं कर पाए. तिलक ने 94 रन की पारी खेली. 122 गेंदों की इस पारी में उनके बल्ले से 5 चौके और चार छक्के देखने को मिले. तिलक ने रियान के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 101 रन की बड़ी साझेदारी की. रियान 58 रन बनाकर आउट हो गए, इसके बाद भारत के विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हो गया, लेकिन तिलक एक छोर संभालकर अंत तक टिके रहे. वह सबसे आखिर में आउट हुए, जब 46वें ओवर में तिलक एडवर्ड्स की गेंद पर कोनोली को कैच थमा बैठे, जिससे शतक पूरा नहीं हो सका.
ऑस्ट्रेलिया ने जीत लिया मैच
तिलक और रियान की पारियों से इंडिया-ए ने 246 रन का लड़ने लायक स्कोर बोर्ड पर लगाया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया-ए ने आसानी से जीत दर्ज कर ली. टारगेट का पीछा करते हुए ओपनर मैकेंजी हार्वे और जेक फ्रेजर मैकगर्क के बीच पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी हुई. DLS के तहत ऑस्ट्रेलिया-ए ने मिले रिवाइज्ड टारगेट को 16.4 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 160 रन बनाकर हासिल कर लिया. मैकेंजी ने नाबाद 70 रन बनाए, जबकि कूपर कोनोली 50 रन बनाकर नॉटआउट रहे. मैकगर्क ने 36 रन बनाए.