विदिशा मेडिकल कॉलेज में महिला की मौत पर हंगामा: आरोप- प्राइ‌वेट अस्पताल भेजकर नकद वसूले लाखों रुपए; जांच की मांग – Vidisha News

विदिशा मेडिकल कॉलेज में महिला की मौत पर हंगामा:  आरोप- प्राइ‌वेट अस्पताल भेजकर नकद वसूले लाखों रुपए; जांच की मांग – Vidisha News



विदिशा मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को 69 वर्षीय एक महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने कॉलेज के डॉक्टरों पर मरीज को निजी अस्पताल भेजने और इलाज के नाम पर लाखों रुपए वसूलने का गंभीर आरोप लगाया है। यह घटना गंजबासौदा के पास सिर

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मन्नो बाई की बेटी पप्पी बाई ने बताया कि उनकी मां को चार दिन पहले मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। यहां कुछ डॉक्टरों ने बेहतर इलाज का हवाला देकर उन्हें विदिशा के निजी अरेरा अस्पताल में भर्ती करा दिया।

अरेरा अस्पताल में तीन दिन के इलाज के दौरान परिजनों से दो लाख रुपए नकद और आयुष्मान कार्ड से करीब डेढ़ लाख रुपए वसूले गए। जब परिजनों ने मरीज को भोपाल रेफर करने की मांग की, तो डॉक्टरों ने लगातार टालमटोल की।

शुक्रवार को अचानक मरीज को भोपाल ले जाने की बात कही गई, लेकिन एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। जो एम्बुलेंस मिली, वह मरीज को भोपाल ले जाने के बजाय वापस मेडिकल कॉलेज ले आई। इसी दौरान रास्ते में मन्नो बाई की मौत हो गई।

आरोप- प्राइवेट अस्पताल में काम करते हैं डॉक्टर परिजनों का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के कुछ डॉक्टर निजी अस्पतालों में भी काम करते हैं और जानबूझकर मरीजों को वहां भर्ती कराते हैं ताकि आयुष्मान कार्ड और नकद दोनों से पैसे वसूले जा सकें। करीब आधे घंटे चले हंगामे के बाद मन्नो बाई को जांच के लिए ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन बिना पोस्टमॉर्टम कराए शव अपने गांव ले गए।

परिजनों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषी डॉक्टरों व दलालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, अरेरा अस्पताल के प्रभारी पहलवान सिंह रघुवंशी ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मन्नो बाई को तीन दिन पहले अरेरा अस्पताल में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान परिजनों ने खुद कहा कि उन्हें यहां आराम नहीं लग रहा है और वे भोपाल ले जाना चाहते हैं। इसके बाद मरीज को हमीदिया अस्पताल, भोपाल रेफर कर दिया गया था।



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