Tips For Children During Winter Season: सर्दी का मौसम अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है, जिस बजह से बच्चों को काफी परेशानी होती है. इसलिए जरूरी है कि बच्चों का खास ख्याल रखा जाए ताकि वो सर्दी-जुकाम जैसे इंफेक्शन की चपेट में न आएं. इसके लिए रीवा संजय गांधी अस्पताल के शिशु विभाग में पदस्थ डाॅक्टर जीतेंद्र सिंह ने एक वैक्सीन की सलाह दी है, जो एक बार बच्चों को लगवा दें तो साल भर सर्दी-जुकाम नहीं होगा.
सबसे पहले तो जरूरी है कि साफ-सफाई का बहुत ध्यान रखना चाहिए. दूसरा आप सभी को साल में एक वैक्सीन इनफ्लूएंजा, जिसे साॅट फ्लू भी कहा जाता है उसे जरूर लगवाना चाहिए. इससे बच्चों को साल भर सर्दी-जुकाम नहीं होता है. इसको जून से जुलाई के बीच लगवा देना चाहिए, ताकि बरसात और पूरे ठंड के मौसम में बच्चे सर्दी-जुकाम के इंफेक्शन से सुरक्षित रहें. इसके अलावा कुछ और उपाय करने चाहिए जैसे-
कंप्लीट रेस्ट
मानसून में सर्दी-जुकाम बढ़ जाता है. इससे बच्चे काफी परेशान रहते हैं. बीमार होने पर अक्सर बच्चा अच्छी नींद भी नहीं ले पाता है. ऐसे में पेरेंट्स की कोशिश होनी चाहिए कि वे अपने बच्चे को अच्छी नींद लेने के लिए मोटिवेट करें. बच्चे के सोने के लिए घर का माहौल सही रखें, ताकि बच्चे को नींद आ सके. इससे बच्चे की रिकवरी तेजी से होगी.
बरसात के दिनों में बच्चों को सर्दी-जुकाम से बचाने के लिए या सर्दी-जुकाम होने पर उसकी रिकवरी के लिए कोशिश करें कि उन्हें इम्यूनिटी बूस्टर दें. इम्यूनिटी बूस्टर का मतलब यह नहीं है कि उन्हें कोई दवा दी जाए. इसके बजाय, आप उन्हें खाने के लिए हेल्दी चीजें दे सकते हैं. इसमें ड्राई फ्रूट्स आदि शामिल हैं. इन दिनों बच्चों को स्ट्रीट फूड से दूर रखें.
हाइड्रेटेड रखें
इन दिनों जितना संभव हो, बच्चे को हाइड्रेटेड रखें. अगर बच्चे को सर्दी-जुकाम हो रहा है या बुखार है. ऐसे में अगर बच्चा हाइड्रेटेड रहता है, तो उसके शरीर से टॉक्सिंस बाहर निकल जाएंगे, जिससे रिकवरी में मदद मिलेगी. इसके साथ ही भविष्य में बीमार होने का जोखिम भी कम हो जाएगा. हां, मानसून का समय है तो उन्हें हमेशा साफ और फिल्टर किया हुआ पानी पीने के लिए दें. कोशिश करें कि पानी पीने से पहले उसे गर्म कर लें. जब हल्का गुनगुना हो जाए, तब उसे पिएं, इससे बॉडी भी गर्म रहती है.
बारिश की वजह से बच्चे को सर्दी-जुकाम या बुखार हो जाता है. कई बार गले में खराश, गले में दर्द जैसी समस्या भी होने लगती है. ऐसे में बच्चे को गुनगुने पानी से गरारा करने को कहें. गुनगुने पानी में हल्का नमक जरूर डलवाएं. सॉल्ट वॉटर गले की खराश दूर करने का सबसे अच्छा घरेलू नुस्खा है. इससे बच्चे की रिकवरी भी बेहतर होती है.
भाप दिलाएं
सर्दी-जुकाम से निपटने के लिए भाप भी लिया जा सकता है. अगर आपके बच्चे को हल्का सर्दी-जुकाम है, तो आप उन्हें भाप लेने को कहें. इससे बंद नाक, छाती में कंजेशन जैसी समस्या दूर हो जाती हैं. अगर बच्चे की तबीयत ज्यादा खराब है, तो बेहतर होगा कि आप उसे डॉक्टर के पास ले जाएं.
जुकाम के कारण नाम बंद होना, गले में खराश और खांसी के कारण अक्सर बच्चे को थकान हो जाती है. ऐसे में शरीर को आराम पहुंचाना बहुत जरूरी है. इसलिए बच्चों को अच्छी तरह आराम करने के लिए कहें. ऐसे में स्कूल न भेजें, जब तक वे ठीक महसूस न करें. इसके अलावा आप कुछ और घरेलु तरीके से भी बच्चे को राहत पहुंचा सकते हैं.