Kalashtami 2024: अक्टूबर में किस दिन रखा जाएगा कालाष्टमी का व्रत? जान लें सही डेट… आर्थिक तंगी से मिलेगी मुक्ति, बस कर लें ये खास उपाय

Kalashtami 2024: अक्टूबर में किस दिन रखा जाएगा कालाष्टमी का व्रत? जान लें सही डेट… आर्थिक तंगी से मिलेगी मुक्ति, बस कर लें ये खास उपाय


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Kalashtami Upay 2025: जल्द ही अक्टूबर माह की मासिक कालाष्टमी आने वाली है. उज्जैन के कालभैरव मंदिर में इस दिन विशेष पूजा होती है, जहां भगवान काल भैरव को शराब का भोग लगाया जाता है. इस दिन कुछ अचूक उपाय बंद किस्मत का ताला खोल सकते हैं.

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Kalashtami 2025: हिन्दू धर्म में हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है. इस दिन भगवान शंकर के रौद्र रूप काल भैरव की पूजा की जाती है. मान्यता है कि काल भैरव की पूजा से जीवन की सारी परेशानियां दूर होती हैं. तंत्र साधक इस दिन विशेष पूजा करते हैं. इस बार अगर आप भी ज्योतिषीय उपाय करें, तो जीवन के संकट दूर हो सकते हैं. आइए जानते हैं उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से विस्तार से…

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष अष्टमी की शुरुआत 13 अक्टूबर दोपहर 12 बजकर 24 मिनिट के लगभग शुरू हो रही है और वहीं इसका समापन 14 अक्टूबर 2025 सुबह 11 बजकर 10 मिनट के लगभग हो रहा है. ऐसे में मासिक कालाष्टमी का व्रत 13 अक्टूबर को रखा जाएगा.

कालाष्टमी व्रत का महत्व
काल भैरव शिव जी के ही रौद्र रूप हैं, जो भी भक्त कालाष्टमी के दिन काल भैरव बाबा की पूजा विधि अनुसार करता है, उसके सभी पाप, कष्ट, दुख दर्द दूर हो जाते हैं. इस दिन श्रद्धा भाव से व्रत और पूजा करने से भगवान शिव जी की कृपा आपके ऊपर बनी रहती है. कुंडली में मौजूद राहु दोष भी दूर हो सकता है.

जरूर करें यह उपाय 
स्वास्थ बार बार खराब हो रहा है और बीमारी पीछा नहीं छोड़ रही है तो कालाष्टमी के दिन सरसों के तेल में चुपड़ी हुई एक रोटी काले कुत्ते को खिलाएं. रोटी पर तेल चुपड़ते समय काल भैरव का ध्यान करें. ऐसा करने से जल्द ही स्वास्थ्य में लाभ होगा.

बहुत प्रयास के बाद भी जीवन में सुख-साधनों में बढ़ोतरी नहीं हो रही है, तो कालाष्टमी पर भैरव जी के आगे मिट्टी के दीपक में सरसों के तेल का दीपक जलाएं. दीपक जलाते समय दो बार इस मंत्र का जाप करें: ‘ऊं ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊं’. इससे आपको आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलेगा.

घर में लगातार कलह और बार बार बेवजह झगड़े होते हैं और पारिवारिक जीवन में परेशनी बनी रहती है. तो कालाष्टमी के दिन स्नान के बाद शिवजी की प्रतिमा के आगे आसन बिछाकर बैठें और शिव चालीसा का पाठ करें. ऐसा करने से परिवार मे प्रेम बढ़ेगा और शिव जी का रोद्र रूप शांत होकर आर्शीवाद प्रदान करेंगे.

Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें

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