जबलपुर में हुए हादसे में 2 की मौत हो गई।
जबलपुर के टेमर भीटा गांव में रविवार रात हुए हादसे में ग्रामीण चिंटू विश्वकर्मा (38) और अखिलेश पटेल (48) की मौत हो गई। दोनों की सोमवार को अंतिम यात्रा एक साथ निकली और गांव के मुक्तिधाम में ही उनका अंतिम संस्कार हुआ।
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प्रारंभिक तौर पर हादसे की पीछे 2 वजह सामने आई है। पहली तो यह कि गांव में करीब 80 साल पहले खंबे लगे थे। जिस पर तार झूल रहे हैं। जिससे इनकी ऊंचाई करीब 15 ही रह गई थी। जबकि गांव में स्थापित प्रतिमा ही 10 फीट से ज्यादा की थी। ऐसे में ट्रॉली की हाइट के साथ प्रतिमा का सबसे ऊपरी सिरा तारों के नजदीक पहुंच गया।
दूसरी वजह पुलिस ने बताई। उनका कहना है कि ग्रामीणों को उस रास्ते से प्रतिमा नहीं ले जाने की हिदायत दी गई थी, लेकिन वे नहीं माने और गलत रूट पर जाने की वजह से यह हादसा हो गया।
2 साल से स्थापित की जा रही प्रतिमा रानी लक्ष्मीबाई वार्ड के ग्राम टेमर भीटा में 2 साल से महाकाली की प्रतिमा स्थापित की जा रही थी। रविवार को छुट्टी होने के कारण अधिकतर लड़के गांव में ही थे। चिंटू को पता चला कि रविवार को प्रतिमा का विसर्जन होना है।
जैसे ही वह मंच पर पहुंचा था, साथ में उसे अभिषेक भी मिल गया। ट्राली को खिंचते हुए सैकड़ों लोग गांव के बाहर पहुंचे। तिराहे पर हाई टेंशन लाइन की तार झूल रही थी। उससे एक लोहे का एंगल टच हुआ। इसकी चपेट में चिंटू और अभिषेक समेत कई लोग आ गए।
20 से अधिक झुलस गए। कई लोगों को जिला अस्पताल और मेडिकल में भर्ती करवाया है। जिस लाइन की चपेट में काली प्रतिमा आई थी, वह सिर्फ 15 फीट ऊपर थी। इसको लेकर कई बार ग्रामीणों ने बिजली विभाग और पार्षद से शिकायत की थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

हादसे के बाद गांव में पुलिस बल तैनात है।
दिव्यांग भाई, मां-पिता के लिए विवाह नहीं किया 38 वर्षीय चिंटू विश्वकर्मा घर में बूढ़े माता-पिता और दिव्यांग भाई को पालने वाला इकलौता सदस्य था। पिता नगर निगम में थे, बीमार होने के कारण नौकरी छूट गई, जैसे-तैसे प्राइवेट जाॅब से घर चल रहा था। चिंटू ने सिर्फ इसलिए विवाह नहीं किया था, कि उसे मां-पिता और दिव्यांग भाई की सेवा करनी है।
गांव में लोग उसे कलयुग का श्रवण तक बोलते थे। सोमवार को जब उसका शव घर पहुंचा तो पिता के आंसू सूख गए। मानसिक रूप से कमजोर भाई को सब कुछ सामान्य लग रहा था। उसे यह भी पता नहीं था कि उसका भाई अब इस दुनिया में नहीं है।

अखिलेश की पत्नी हुई बेसुध 48 वर्षीय अखिलेश रविवार रात को जब काली माता के दर्शन के लिए जा रहे थे, तब पत्नी ने उन्हें रोककर कहा था कि गांव के बाहर तक ही जाना। कल काम पर जाना है, गौरीघाट मत जाना।
पत्नी की बात सुनते ही अखिलेश घर से बाहर निकल गए। कुछ ही देर बाद खबर मिली कि करंट की चपेट में आ जाने से उनकी मौत हो गई है। जानकारी लगते ही पूरा परिवार बेसुध हो जाता है।
80 साल पुराने खंभे, नहीं बदले ग्रामीण राजकुमार ने बताया कि जिस हाईटेंशन लाइन की चपेट में काली मां की ट्राॅली के आने से मौत हुई है, उस बिजली की लाइन के लिए कई बार अधिकारियों और स्थानीय पार्षद को बोला गया, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
80 साल पुराने बिजली के खंभे आज भी लगे हुए हैं। अगर ये खंभे बदल दिए जाते तो, ये घटना नहीं होती। उन्होंने बताया कि महज 15 फीट ऊपर से हाईटेंशन लाइन के तार झूल रहे हैं। गांव में जो घटना हुई है, इसके लिए बिजली विभाग ही जिम्मेदार है, वहीं हत्यारे है।

मैंने मना किया-पर वह नहीं माना काली विसर्जन को लेकर गोराबाजार थाने में पदस्थ एसआई की डयूटी लगी हुई थी। दैनिक भास्कर से बात करते हुए एसआई महेश परते ने बताया कि मैं काली प्रतिमा के आगे-आगे चल रहा था।
मैंने ट्राॅली चला रहे ड्राइवर को मना भी किया था कि ऊपर बिजली के तार है। यहां से प्रतिमा मत ले जाओ, लेकिन वे लोग नहीं माने। उन्होंने तार के नीचे से ही गाड़ी निकाल दी। जिससे यह हादसा हो गया।
ग्रामीण खुन्नू यादव का कहना है कि रोजाना अभिषेक काम से आते-जाते वक्त भी प्रतिमा दर्शन के लिए नहीं रुकते थे। वे रविवार रात अचानक आए और कहने लगे कि गांव के बाहर तक चलता हूं।
विसर्जन के दौरान पूरा गांव उमड़ा था, तो वो भी साथ में आए और इस घटना का शिकार हो गए। घटना प्रशासन की लापरवाही से हुई है।
लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा सोमवार को कैंट विधानसभा से विधायक अशोक रोहाणी एसडीएम के साथ टेमर भीटा गांव पहुंचे।
पीड़ित परिवार से मिलने के बाद उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही चिंटू और अभिषेक के परिजनों को 5.50 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है।
विधायक के साथ मौजूद रांझी एसडीएम का कहना है कि 15 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को राशि सौंप दी जाएगी।

मृतकों के परिजनों को 5.50 लाख का मुआवजा हादसे के बाद विधायक अशोक रोहाणी के साथ एसडीएम और पुलिस बल गांव पहुंचा, जहां दोनों ही पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। मृतकों के परिजनों को बिजली विभाग की ओर से चार-चार लाख, कलेक्टर की ओर से एक-एक लाख और विधायक अशोक रोहाणी की तरफ से 50-50 हजार रुपए का मुआवजा दिए जाने की घोषणा की। घायलों को 25-25 हजार रुपए विधायक निधि से दी जाएगी।

घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मर्ग कायम कर जांच की जा रही है गोराबाजार थाना प्रभारी रमन सिंह मरकाम ने बताया कि हादसे में दो लोगों की मौत हुई है, जबकि कुछ लोग घायल है, जिनका इलाज जारी है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी के मुताबिक प्रतिमा की हाइट ज्यादा था, लोगों ने ध्यान भी नहीं दिया और गलत साइड से निकाल रहे थे, पुलिस ने मना भी किया पर वो नहीं माने। फिलहाल अभी मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।
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