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Ficci कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने कहा कि 4-6 महीनों में इलेक्ट्रिक वाहन पेट्रोल-डीजल वाले वाहनों के बराबर सस्ते होंगे. इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी की लागत में भारी कमी आई है.
इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में कमी पर एक बड़ी खबर आई है. असल में, सोमवार को Ficci के एक कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि अगले चार से छह महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें पेट्रोल और डीजल वाहनों के बराबर हो जाएंगी. नितिन गडकरी ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी की लागत में भारी कमी आई है.
इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर और नए इंजन किए जाएंगे विकसित
गडकरी ने यह भी कहा कि उन्होंने ट्रैक्टर बनाने वाली कंपनियों और कृषि शोधकर्ताओं के साथ एक बैठक में स्वच्छ ऊर्जा पर चलने वाले उपकरणों पर काम तेज करने को कहा है. उन्होंने सुझाव दिया कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर और ऐसे इंजन विकसित किए जाएं जो इथेनॉल, सीएनजी या आइसोब्यूटेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन पर चल सकें. उनका मानना है कि ये नवाचार भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगे. साथ ही, इससे डीजल आयात कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी. गडकरी ने यह भी जोड़ा कि ये कदम ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आय बढ़ाने में भी मदद करेंगे.
इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी सस्ती होने से लोगों को फायदा
आजकल पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं और ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहन लोगों के लिए सस्ता और पर्यावरण के लिए बेहतर ऑप्शन हो सकते हैं. बैटरी की कीमत कम होने से न केवल वाहनों की कीमतें कम होंगी, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की गति भी तेज होगी. भारत में पहले से ही कई कंपनियां इलेक्ट्रिक स्कूटर और कार बना रही हैं, और सरकार भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और छूट दे रही है.
आम लोगों को मिलेगी राहत
गडकरी का यह बयान आम लोगों के लिए भी राहत की खबर है. अगर इलेक्ट्रिक वाहन सस्ते हो जाएंगे, तो ज्यादा लोग इन्हें खरीद सकेंगे. इससे न केवल पेट्रोल-डीजल पर खर्च कम होगा, बल्कि हवा भी साफ रहेगी. खासकर शहरों में, जहां प्रदूषण एक बड़ी समस्या है, इलेक्ट्रिक वाहन इसे कम करने में बड़ा रोल अदा कर सकते हैं. इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर जैसे उपकरण किसानों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं. ये सस्ते और पर्यावरण के अनुकूल होंगे, जिससे किसानों का खर्च कम होगा. गडकरी का यह नजरिया भारत को आत्मनिर्भर और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक अहम कदम है. अगर आप वाहन खरीदने की सोच रहे हैं, तो थोड़ा इंतजार करें क्योंकि अगले कुछ महीनों में इलेक्ट्रिक वाहन आपके बजट में हो सकते हैं.