कफ सिरप के कारण बच्चों की मौतों के मामले में फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन की लगातार चूक सामने आ रहीं हैं। एमपी एफडीए की जांच में कफ सिरप में जहरीला डायएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा 0.1% के बजाए 46.28% मिली। FDA के लैब एनालिस्ट ने इस जांच रिपोर्ट में कफ
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ड्रग इंस्पेक्टर ने डाक से भेजा था सैंपल यहां भी हुई अनदेखी छिंदवाड़ा के ड्रग इंस्पेक्टर गौरव शर्मा ने कफ सिरप के 29 सितंबर को सैंपल लेने के बाद खुद भोपाल पहुंचाने के बजाए डाक के जरिए फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के ऑफिस भेजे थे। FDA की लैब में जांच करने में ऐसी लापरवाही हुई कि FDA स्टाफ ने इतने गंभीर मामले में जल्दी जांच करने के बजाए मनमर्जी से काम किया। बीच में दशहरे का अवकाश आया तो स्टाफ ने नियमानुसार छुट्टी भी मनाई। लेकिन, जांच करने में जो नियम लागू होते हैं उनकी परवाह नहीं की।