रुकमन का कहना है कि वह जीवित है, लेकिन पंचायत कर्मी उसे मृत बता रहे हैं।
सीधी जिले में एक जीवित महिला को सरकारी रिकॉर्ड में ‘मृत’ घोषित कर दिया गया है। कुसमी जनपद क्षेत्र के गोतरा गांव की आदिवासी महिला रुकमन पिछले एक साल से खुद के ‘जिंदा’ होने का सबूत लेकर भटक रही है। इस त्रुटि के कारण उसे न राशन मिल रहा है और न ही किसी स
.
रुकमन का कहना है कि वह जीवित है, लेकिन पंचायत कर्मी उसे मृत बता रहे हैं। सरकारी दस्तावेजों में उसे ‘स्वर्गवासी’ दर्शाया गया है। यह स्थिति सरकारी सिस्टम की लापरवाही को उजागर करती है।
सूत्रों के अनुसार, पंचायत कर्मियों ने लापरवाही में समग्र पोर्टल पर रुकमन के नाम से ‘मृत्यु प्रविष्टि’ दर्ज कर दी थी। इसके बाद उसका नाम सभी सरकारी योजनाओं और राशन सूची से हटा दिया गया।
परिवार के सदस्य भी हैरान हैं कि एक जीवित व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत कैसे दर्ज किया जा सकता है।
हाल ही में रुकमन ने सीधी कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में अपनी शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि इस गलती के कारण उसका जीवन प्रभावित हुआ है और वह अब केवल अपने ‘जिंदा होने’ का प्रमाण देने में लगी है।
कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने मामले की तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले पंचायत कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और रुकमन का नाम समग्र आईडी पोर्टल पर पुनः सक्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।