ग्वालियर हाईकोर्ट ने पंजाब एंड सिंध बैंक के एक पूर्व कर्मचारी के पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति देने से इनकार करने के बैंक के फैसले को सही ठहराया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि मृतक कर्मचारी के परिवार को सेवानिवृत्ति लाभ और पेंशन मिली है, इसलिए परिवार
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याचिकाकर्ता मनोज रजक के पिता भगवान दास रजक पंजाब एंड सिंध बैंक की भिंड शाखा में दफ्तरी-कम-प्यून के पद पर कार्यरत थे। उनका निधन 26 दिसंबर 2017 को हुआ था। मनोज रजक ने 12 मार्च 2021 को अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था।
हालांकि, बैंक की समिति ने यह आवेदन खारिज कर दिया, क्योंकि परिवार को मृतक कर्मचारी के सेवानिवृत्ति लाभ के रूप में पर्याप्त राशि मिल चुकी थी और वे आर्थिक संकट में नहीं थे। बैंक ने 9 अक्टूबर 2021 और 31 जनवरी 2023 को अपने फैसले से याचिकाकर्ता को अवगत कराया था।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनुकंपा नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य परिवार को अचानक आए आर्थिक संकट से उबारना है, न कि इसे नियमित नियुक्ति का स्रोत बनाना। न्यायमूर्ति आशीष श्रोती की खंडपीठ ने कहा कि परिवार की वित्तीय स्थिति का आकलन करते समय सेवानिवृत्ति लाभ एक आवश्यक और महत्वपूर्ण कारक होता है। चूंकि परिवार सेवानिवृत्ति और पेंशन का लाभ ले चुका है, इसलिए उन्हें आर्थिक संकट में नहीं माना जा सकता।