बुरहानपुर जिले में आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए अब आशा कार्यकर्ता ‘मित्रम गेटकीपर’ की भूमिका निभाएंगी। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बुधवार को मनकक्ष विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए एक जागरूकता और परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया।
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‘गेटकीपर’ और ‘मित्रम’ के रूप में करें काम मनकक्ष के प्रभारी डॉ. नबी ने बताया कि आशा कार्यकर्ता ‘गेटकीपर’ और ‘मित्रम’ के रूप में समाज में मानसिक रोगियों की पहचान कर उन्हें समय पर परामर्श और सेवाएं उपलब्ध कराएं। वहीं, डीसीएम संजू घरड़े ने आशा कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ मानसिक समस्याओं को समझें और लोगों का सहयोग करें।
अंधविश्वास दूर कर जागरूकता लाने की अपील आशा मास्टर ट्रेनर राजेश धुर्वेकर और आसिफ पिंजारे ने इस बात पर जोर दिया कि आशा कार्यकर्ता समुदाय और स्वास्थ्य विभाग के बीच एक मजबूत कड़ी हैं। वे अंधविश्वास और भ्रांतियों को दूर कर समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
‘मनहीत ऐप’ और हेल्पलाइन का करें प्रचार मनकक्ष प्रभारी सीमा डेविड ने आशा कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोच बनाए रखें। उन्होंने ‘मनहीत ऐप’ और टेली-मानस सेवा (हेल्पलाइन 14416) का प्रचार करने तथा आत्महत्या रोकथाम में ‘मित्रम गेटकीपर’ के रूप में सक्रिय रहने का आह्वान किया।

फिल्म दिखाकर किया जागरूक, कार्यकर्ताओं ने ली शपथ कार्यक्रम में ‘आशा संवाद’ और शॉर्ट फिल्म ‘उम्मीद’ के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। सभी आशा कार्यकर्ताओं ने प्रतिज्ञा ली कि वे हर व्यक्ति तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएंगी और इसके समर्थन व जागरूकता में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। उन्हें आयुष्मान एवं आभा आईडी कार्ड बनवाने में भी सहयोग करने के लिए कहा गया।