हवाला कारोबारी से 2.96 करोड़ रुपए की लूट के मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। जालना निवासी गंगाबाई परमार ने अपने पति सोहनलाल परमार की रिहाई को लेकर हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके पति को पुलिस ने कई दिनों
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मामले की सुनवाई आज मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ में होगी। याचिका में गंगाबाई ने बताया कि उनके पति को 10 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। 12 अक्टूबर को छोड़ा गया, लेकिन इसके बाद जालना पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर सिवनी पुलिस के हवाले कर दिया।
ट्रांजिट रिमांड नहीं ली, मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं किया
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान न तो ट्रांजिट रिमांड ली गई और न ही मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जिससे गिरफ्तारी की वैधानिकता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में शामिल एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम सहित 9 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो पुलिसकर्मी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। इस सनसनीखेज मामले में सिवनी पुलिस ने अपने ही साथियों के खिलाफ डकैती का केस दर्ज किया है।
यह था पूरा मामला
सिवनी पुलिस ने नागपुर के शख्स सोहन परमार से करीब 2.96 करोड़ रुपए जब्त किए थे। पुलिस पर आरोप है कि रिपोर्ट में जब्ती सिर्फ एक करोड़ 45 लाख रुपए की दिखाई। इतना ही नहीं, आरोपी को भी बिना कार्रवाई छोड़ दिया। इसकी जानकारी वरिष्ठ अफसरों को भी नहीं दी। जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था।
9 अक्टूबर को सीएसपी पूजा पांडे और एसआई अर्पित भैरम ने यह 1.45 करोड़ रुपए की रकम जमा कराई थी। मामला सामने आने के बाद 9 अक्टूबर की रात को आईजी प्रमोद वर्मा ने थाना प्रभारी अर्पित भैरम समेत 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद 10 अक्टूबर को डीजीपी कैलाश मकवाना ने एसडीओपी पूजा पाण्डेय को भी सस्पेंड कर दिया था।