ODI Cricket Record: क्रिकेट जगत में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी आए हैं और अपनी छाप छोड़ी है. माइकल होल्डिंग, कपिल देव, वसीम अकरम, वकार यूनुस, मुथैया मुरलीधरन, शेन वॉर्न, ग्लेन मैक्ग्रा और न जाने कितने अनगिनत बॉलर आए. इन दिग्गजों ने क्रिकेट इतिहास में अपना नाम अमर बना लिया. उन्हीं में से एक हैं श्रीलंका के महान फास्ट बॉलर चामिंडा वास. क्रिकेट करियर में कुल 1342 विकेट लेने वाले इस गेंदबाज की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है.
15 सालों तक कायम रहा जलवा
चामिंडा वास इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करते ही वे शीर्ष पर पहुंच गए. उन्होंने लगभग 15 वर्षों तक श्रीलंकाई गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व किया. वास का जन्म 17 जनवरी 1974 को श्रीलंका के मटुमगला में हुआ था. एक कैथोलिक परिवार में जन्मे वास बचपन से ही अत्यधिक आध्यात्मिक व्यक्ति थे. उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत कम उम्र में ही कर दी थी और मात्र 16 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था. वे कोलंबो के प्रतिष्ठित बॉयज स्कूल से स्नातक हैं.
क्रिकेटर नहीं बनना चाहते थे वास
चामिंडा वास ने शुरू में पादरी बनने के बारे में गंभीरता से सोचा था. उन्होंने स्वीकार किया कि वह पादरी बनना चाहते थे, लेकिन उन्हें क्रिकेट खेलने का मौका देना ईश्वर का निर्णय था. वास एक रोमन कैथोलिक हैं जो हमेशा कोई भी मैच खेलने से पहले प्रार्थना करते थे. वह पादरी तो नहीं बन पाए, लेकिन अचानक क्रिकेट को अपनाने के बाद उनका यह सपना पूरा नहीं हो पाया. एक एक्सीडेंटल क्रिकेटर बाद में दुनिया का महान खिलाड़ी बन गया.
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16 की उम्र में पहला फर्स्ट क्लास मैच
चामिंडा वास ने 1990-91 सीजन में सिर्फ 16 साल की उम्र में दिसंबर 1990 में कोल्ट्स क्रिकेट क्लब के लिए गॉल क्रिकेट क्लब के खिलाफ अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था. सिर्फ 13 मैच खेलने के बाद उन्हें जल्द ही 1994 में नेशनल टीम में शामिल कर लिया गया. वास गेंद को स्विंग और सीम करने के लिए जाने जाते हैं. उनकी ऑफ-कटर गेंद भी एक ऐसी गेंद थी जिससे उन्हें अक्सर विकेट मिलते थे और उन्होंने रिवर्स स्विंग पर भी महारत हासिल कर ली थी.
भारत के खिलाफ किया था इंटरनेशनल मैचों में डेब्यू
चमिंडा वास ने 1994 में राजकोट में भारत के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया. उन्होंने मैच में शतकवीर नवजोत सिंह सिद्धू का विकेट लिया. वास ने अपने 8 ओवरों में 1/40 का प्रदर्शन किया और यह मैच भारत ने 8 रनों से जीता. गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की प्रतिष्ठा के कारण वास को 1994 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया. उन्होंने कैंडी में पाकिस्तान के खिलाफ अपना डेब्यू किया और मैच में कोई विकेट नहीं ले पाए.
वास के नाम गजब का रिकॉर्ड
वास के नाम वनडे क्रिकेट में दो हैट्रिक दर्ज हैं. उनकी पहली हैट्रिक जिम्बाब्वे के खिलाफ आई थी और उन्होंने 2003 के आईसीसी विश्व कप में बांग्लादेश के खिलाफ यह कारनामा दोहराया. वास ने 2001 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 19 रन देकर 8 विकेट लिए थे. जिम्बाब्वे की टीम महज 38 रन पर ढेर हो गई थी. यह वनडे क्रिकेट के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है. संयोग से जिस दिन वास ने 19 रन देकर 8 विकेट लिए थे, वह 8 दिसंबर 2001 था. उस दिन उनकी पत्नी का जन्मदिन था. उनकी पत्नी ने उनसे 7 विकेट लेने और मैच जल्दी खत्म करने के लिए कहा ताकि वे उनके साथ समय बिता सकें. वास ने इससे भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए मैच जल्दी खत्म कर दिया और 8 विकेट अपने नाम कर लिए.
युवराज सिंह बने 400वें शिकार
अपने आखिरी वनडे में वास ने युवराज सिंह को आउट करके वनडे क्रिकेट में अपना 400वां विकेट लिया. वह मुथैया मुरलीधरन के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे श्रीलंकाई गेंदबाज बने. वह वसीम अकरम, मुरलीधरन और वकार यूनिस के बाद 400 विकेट लेने वाले खेल के इतिहास में चौथे गेंदबाज बन गए.
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ऐसा रहा चामिंडा वास का करियर
वास ने अपने करियर में 111 टेस्ट मैचों में 355 विकेट लिए और 322 वनडे मुकाबलों में 400 विकेट लेने का कारनामा भी किया. वह 6 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 6 विकेट लेने में सफल रहे. फर्स्ट क्लास, लिस्ट ए और टी20 क्रिकेट को मिलाकर उनके ओवरऑल रिकॉर्ड को देखें तो वास ने अपने करियर में कुल 695 मैच खेलें. वास ने 227 फर्स्ट क्लास मैचों में 772 विकेट, 412 लिस्ट ए मुकाबलों में 506 विकेट और 56 टी20 मैचों में 64 विकेट लिए हैं. तीनों को मिलाकर उन्होंने 1342 विकेट लिए हैं. वास ने 2009 में अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच खेला था.