विदिशा तोपपुरा क्षेत्र में हुई कथित लूट की घटना का पुलिस ने गहन जांच के बाद खुलासा किया है। जांच में पता चला कि लूट की रिपोर्ट झूठी थी और फरियादिया ने स्वयं इसे गढ़ा था। इस मामले में पुलिस ने लगभग ₹15 लाख के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए हैं।
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पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने बताया कि तोपपुरा निवासी 60 वर्षीय गीता चौकसे ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दो अज्ञात व्यक्ति उनके घर में घुसकर बंदूक की नोक पर सोने-चांदी के जेवर लूट ले गए। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान फरियादिया के बयानों में लगातार विरोधाभास पाया गया। घटनास्थल का निरीक्षण, आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच, फिंगरप्रिंट टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद तथा पड़ोसियों से पूछताछ के बाद मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। गहन पूछताछ के बाद फरियादिया ने स्वीकार किया कि उसने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने चोरी गए जेवरों को भी जब्त किया है।
पुलिस ने बताया कि गीता चौकसे ने कथित लूटे गए जेवर अपने पड़ोसी कांता सेन के घर के पीछे छिपा दिए थे। बाद में, कांता सेन के माध्यम से फरियादिया के पुत्र नीलेश चौकसे ने ये जेवर थाने में जमा कराए। कुछ चांदी की वस्तुएं पिंकी कुशवाह के माध्यम से बेची गई थीं, जिन्हें नीलेश ने वापस खरीदकर थाने में प्रस्तुत किया।
बरामद किए गए जेवरों में शामिल हैं: एक सोने का मंगलसूत्र, झुमकी, कान के फूल, टॉप्स, तीन सोने की अंगूठियां, चार चांदी की चूड़ियां, एक कड़ा, दो जोड़ी पायल, चांदी का ताबीज, बिछुड़ी, चैन, सिक्के, गिलास, चम्मच और करधनी।
कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज, उपनिरीक्षक रणवीर सिंह, रोहित कौरव, गौरव रघुवंशी, एएसआई सिद्धांत भदौरिया, मुकेश ठाकुर, शमा परवीन सहित अन्य पुलिसकर्मियों की टीम ने इस जांच और जेवर बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।