जब इंदिरा गांधी ने संदीप पाटिल को खिलाई थी रगड़ा पेटिस, सुनाया किस्सा

जब इंदिरा गांधी ने संदीप पाटिल को खिलाई थी रगड़ा पेटिस, सुनाया किस्सा


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संदीप पाटिल ने न्यूज 18 इंडिया के चौपाल कार्यक्रम में उस लम्हे को याद किया जब इंदिरा गांधी ने विश्व चैंपियन बनने के बाद भारतीय टीम के लिए अपने हाथों से पानीपुरी और रगड़ा पेटिस तैयार की थी. भारत 1983 में कपिल देव की कप्तानी में वनडे क्रिकेट में वर्ल्ड चैंपियन बना था.

संदीप पाटिल ने इंदिरा गांधी के हाथों से बनाए पानीपुरी को किया याद.

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज संदीप पाटिल ने वर्षों पुराने किस्से को याद किया है. पाटिल ने बताया कि कैसे भारतीय टीम को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद वेलकम किया था. पाटिल उस विश्व विजेता टीम का अहम हिस्सा थे जिसने साल 1983 में कपिल देव की कप्तानी में पहली बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था. पाटिल 1980 के दशक के विस्फोटक बल्लेबाज रहे हैं. वह बिना हेलमेट के बड़े बड़े शॉट लगाते थे. उन्होंने 1982 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में एक ओवर में 6 चौके जड़े थे. वह मिडिल ऑर्डर में भारत के बेहतरीन बल्लेबाज थे.

न्यूज 18 इंडिया के चौपाल कार्यक्रम में संदीप पाटिल (Sandeep Patil) ने उस लम्हे को याद किया जब उनकी टीम वेस्टइंडीज को हराकर क्रिकेट में वर्ल्ड चैंपियन बनी थी. पाटिल ने बताया, ‘जब हम वर्ल्ड कप जीतकर इंडिया लौटे थे, तब इंदिरा गांधी हमारी टीम से मिली थीं.तब वो अकेली भारतीय टीम के खिलाड़ियों से मुखातिब हुई थीं. उनके साथ कोई ओएसडी या दूसरा स्टाफ नहीं था. उन्होंने अपने हाथों से पानीपुरी बनाकर हमें खिलाई थी.’पाटिल ने बताया कि इंदिरा गांधी ने हमें रगड़ा पेटिस भी अपने हाथों से बनाकर हमें खिलाई.


संदीप पाटिल के साथ इस कार्यक्रम में आकाश चोपड़ा और मोहम्मद कैफ भी मौजूद थे. कैफ ने रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाए ाने पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि बदलाव की जरूरत ही क्यों थी. उन्होंने कहा कि विराट कोहली और रोहित शर्मा भारत को विश्व कप दिलाने का दम रखते हैं. कैफ ने कोहली की तारीफ करते हुए कहा कि वो हिटमैन और विराट के लिए एक फूलों की बिस्तर सजा देते और कहते की भाई, जाओ मत.

संदीप पाटिल 1983 विश्व कप में भारत के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज थे. उन्होंने टूर्नामेंट में 8 पारियों में 30.85 की मामूली औसत से सिर्फ 216 रन बनाए, जिसमें दो अर्धशतक भी शामिल थे. लेकिन जो बात सबसे खास रही, वह थी उनके प्रदर्शन का समय और संदर्भ, और जिस तेजी से उन्होंने रन बनाए. मैनचेस्टर में दो बार के विश्व कप विजेता वेस्टइंडीज़ के खिलाफ भारत के टूर्नामेंट के पहले मैच में पाटिल उस समय बल्लेबाजी के लिए आज टीम इंडिया 46 के स्कोर पर 2 विकेट गंवा चुकी थी. मोहिंदर अमरनाथ के साथ 30 रनों की उपयोगी साझेदारी करके पारी को संभाला और फिर यशपाल शर्मा के साथ 49 रन जोड़े. 52 गेंदों पर उनके 36 रनों ने शर्मा और उनके ऑलराउंडरों के लिए भारत को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने और फिर क्रिकेट इतिहास की शायद सबसे महान टीम के खिलाफ एक बड़ा उलटफेर करने की नींव रखी. इस जीत ने टूर्नामेंट की शुरुआत में भारत को आत्मविश्वास और गति प्रदान की.

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से… और पढ़ें

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