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साल 2022 में टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान भारत और दक्षिण अफ्रीका का मैच इसी मैदान पर खेला गया था जिसमें गेंद पिच पर पड़ने के बाद ऐसे उछाल ले रही थि मानों किसी रबर की बॉल को जमीन पर पटका गया हो. उस मैच में भारत का टॉप ऑर्डर बुरी तरह फेल हुए था. उस मैच में 9 विकेट गिरे जिसमें 8 विकेट तेज गेंदबाजों ने थ्री क्वाटर लेंथ से बाउंस कराकर हासिल किया था.
नई दिल्ली. 80 और 90 के दशक में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर कोई भी टीम जाती थी तो शेड्यूल में ये हर खिलाड़ी जरूर देखता था कि मैच पर्थ में है या नहीं और अगर जवाब हां है तो बल्लेबाज खास तौर पर कमर कसना शुरु कर देते थे. इस पीछे की बड़ी वजह थी वहां के पिच से मिलने वाली उछाल और गर्मी से खुलने वाली दरारें. अब मैच वाका पर नहीं होते पर जहां होते हैं वहीं कि मिट्टी तो है उसी शहर की जो अपने किरदार नहीं बदलती.
2022 में रोहित-राहुल-विराट हुए फेल
3 साल पहले अक्टूबर का ही महीना था जब भारतीय टीम टी-20 वर्ल्ड कप के मुकाबले के लिए पर्थ पहुंची. उस टीम में भी तब विराट कोहली, रोहित शर्मा और के राहुल थे और वो तब पिच देखते ही समझ गए थे कि आग उगलती गेंदें उनका इंतजार कर रही है और ठीक वैसा ही हुआ. लुंगी एनगिडी और वायने पार्नेल की जोड़ी ने भारतीय बल्लबाजी को तहस नहस कर दिया था. रोहित 15 विराट 12 और राहुल 9 रन ही बना पाए थे. ये तीनों उम्मीद से ज्यादा उछाल लेती गेंदों पर आउट हुए और पूरी टीम सिर्फ 133 रन पर सिमट गई थी. भारत ये मैच हार गया पर रोहित-विराट जैसे बल्लेबाजों को एक सीख दे गया कि यहां पर हॉरिजंटल बैट शॉट जरूरी तो है पर बॉल सेंस उससे भी भी ज्यादा अहम है. साल 2024 में भारत ने यहां टेस्ट मैच खेला जिसमें 36 विकेट गिरे और 32 तेंज गेंदबाजों के खाते में आए.
प्रैक्टिस सेशन में दिखा पिच का असर
पिछले तीन साल में ये तीसरा मौका है जब भारतीय टीम ऑप्टस स्टेडियम पर मैच खेलेगी. पहले टी-20 फिर टेस्ट और अब बारी वनडे क्रिकेट की है. मौजूदा भारतीय स्क्वाड में ज्यादातर खिलाड़ियों के पास यहां खेलने का अनुभव है पर परेशानी ये है कि यशस्वी जायसवाल को छोड़कर ज्यादातर बल्लेबाज यहां पर स्ट्रगल करते नजर आए. इसीलिए मैच से पहले दो प्रैक्टिस सेशन में टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों ने साइडर की मदद से उछाल को लेकर जमकर प्रैक्टिस की. कप्तान शुभमन और उपकप्तान श्रेयस अय्यर जो पहली बार ऑप्टस के मैदान पर उतरेंगे वो लंबे समय तक पसीना बहाते नजर आए. एक बात तो साफ है तेज गेंदबाजों के लिए पैराडाइज पिच पर जिस टीम के बल्लेबाज रन बनाएंगे उसी टीम को शुरुआती बढ़त मिलेगी.