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एशिया कप की मेजबानी भारत के पास थी. लिहाजा हाई-वोल्टेज ड्रामे से भरपूर रहे एशिया कप ने बीसीसीआई को मालामाल कर दिया. मोहसिन नकवी भले ही ट्रॉफी चुराए बैठे हों, लेकिन बीसीसीआई ने ट्रॉफी से ज्यादा कीमत तो दूसरे तरीके से ही वसूल ली है.
नई दिल्ली. एशिया कप में मोहसिन नकवी के ट्रॉफी चोरी वाले कांड के कारण भले ही भारत जीत के भी बिना ट्रॉफी लिए ही स्वदेश लौटा हो लेकिन पूरे टूर्नामेंट के दौरान मैदान पर हुए सभी ड्रामों का फायदा बीसीसीआई को जमकर हुआ. बताया जा रहा है कि इस टूनामेंट का मेजबान होने के कारण भारत को करीब 100 करोड़ का फायदा हुआ. पाकिस्तान मैदान पर भारत से बार-बार हारा. उधर, हैंडशेक विवाद को नाक की लड़ाई बनाए बैठने वाले मोहसिन नकवी और पीसीबी की नाक के नीचे बीसीसीआई इस पूरे टूर्नामेंट से 100 करोड़ का बंपर मुनाफा करने में सफल हो गया.
अगर पुराने रिकॉर्ड से तुलना करें तो कहानी और दिलचस्प हो जाती है. साल 2017-18 में बीसीसीआई का सरप्लस महज 666 करोड़ रुपये था, जबकि अब ये आंकड़ा दस गुना बढ़कर 6700 करोड़ के पार जाने की तैयारी में है. हालांकि, आईपीएल का घटता वैल्यूएशन लगातार बीसीसीआई टेंशन बढ़ाता रहा है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दो साल में आईपीएल की वैल्यू 16,000 करोड़ रुपये गिर गई है.
फिर भी बीसीसीआई ने आईपीएल पर अपनी निर्भरता कम कर ली है. अब उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय मैचों, मीडिया राइट्स और आईसीसी शेयर से आने लगा है. मौजूदा बजट में बोर्ड के सरप्लस का 76% हिस्सा आईपीएल से, 20% बीसीसीआई से और 4% महिला प्रीमियर लीग (WPL) से आ रहा है.
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें