बीएड कोर्स के लगातार आ रहे खराब रिजल्ट और मूल्यांकन पर उठ रहे सवालों के बाद देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी ने अनूठी पहल की है। इसके तहत वह बीएड के 5 टॉपर्स छात्रों की कॉपियां वेबसाइट पर अपलोड करेगी, ताकि यह कॉपियां हर छात्र देख सके और तुलना भी कर सके। डीए
.
इसकी शुरुआत वह बीएड सेकंड और फोर्थ सेमेस्टर की परीक्षा के रिजल्ट से करने जा रही है। ये दोनों रिजल्ट जारी हो चुके हैं। दिवाली बाद ये कॉपियां वेबसाइट पर अपलोड की जाएंगी। बीएड सेकंड और फोर्थ दोनों सेमेस्टर के 5-5 टॉपर्स की कॉपियां वेबसाइट पर अपलोड होंगी। बीएड सेकंड सेमेस्टर के तीन और फोर्थ सेमेस्टर में 7 विषयों के परचे होते हैं। दोनों सेमेस्टर के मिलाकर 10 विषयों की 50 कॉपियां वेबसाइट पर अपलोड होंगी।
निर्णय इसलिए… कभी 19 तो कभी 31% रहा रिजल्ट
डीएवीवी ने यह निर्णय इसलिए लिया है, क्योंकि 5 साल में बीएड का औसत रिजल्ट 50 फीसदी से भी कम रहा है। 2021 और 2022 में बीएड सेकंड और थर्ड सेमेस्टर का परिणाम सिर्फ 19 फीसदी रहा, ताे 2023 में यह 27 और 29 प्रतिशत तक ही रहा। पिछली दाे परीक्षाओं में रिजल्ट जरूर 40 फीसदी के पार पहुंचा था, लेकिन छात्र इससे भी संतुष्ट नहीं थे।
छात्र संगठनों और कॉलेजों की तरफ से लगातार मूल्यांकन व्यवस्था पर सवाल उठाए गए। एग्जाम कंट्रोलर प्रो. अशेष तिवारी का कहना है कि पहली बार टॉपर्स छात्रों की कॉपियां वेबसाइट पर अपलोड होंगी तो बीएड का हर छात्र इसे देख पाएगा।
खास कर कम अंक लाने वाले या एटीकेटी व फेल होने वाले छात्रों को पता चल सकेगा कि उन्होंने कहां चूक की और जवाब देने का सही तरीका क्या था। कुलपति प्रो. राकेश सिंघई का कहना है छात्रों ने जो सवाल उठाए, उस सभी का समाधान हर स्तर पर निकाला जा रहा है, लेकिन इस प्रयोग से एक नई और सकारात्मक शुरुआत होगी। बीएड को लेकर सालों से चला आ रहा विवाद भी खत्म होगा।
बाहर कॉपियां भेजने पर भी बन चुकी सहमति
दो माह पहले यूनिवर्सिटी की बीएड फोर्थ सेमेस्टर की परीक्षा के रिजल्ट पर सवाल उठे ताे यूनिवर्सिटी ने चार विषयों की कॉपियां दाेबारा जांचने का निर्णय लिया था। उसका रिजल्ट पिछले माह ही जारी हुआ। करीब 9 से 10 फीसदी छात्रों के रिजल्ट में बदलाव हुआ था। पहले 44 फीसदी पास थे, फिर रिजल्ट बढ़कर 53 फीसदी पहुंच गया।
इसलिए डीएवीवी ने एक निर्णय और ले लिया है कि नवंबर में शुरू हाेने जा रही बीएड पहले व तीसरे सेमेस्टर की परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए हर विषय की कॉपियां बाहर यानी अन्य यूनिवर्सिटी को भेजी जाएंगी। उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी, भोपाल की बरकतउल्ला व जबलपुर की रानी दुर्गावती से लेकर अन्य शासकीय यूनिवर्सिटी में यह उत्तर पुस्तिकाएं भेजी जाएंगी।