एक ही पेड़ में जंगली बैंगन और बड़े-बड़े टमाटर, न रोग लग रहा…न कीट, किसान का प्रयोग सफल, उत्पादन भी डबल

एक ही पेड़ में जंगली बैंगन और बड़े-बड़े टमाटर, न रोग लग रहा…न कीट, किसान का प्रयोग सफल, उत्पादन भी डबल


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Tomato Farming Tips: बालाघाट के आधुनिक किसान ने कमाल कर दिया. टमाटर की ऐसी खेती कि जो अब मिसाल बन रही है. प्रयोग सफल रहा. बड़े आकार के टमाटर भी उग रहे हैं और उनमें कीट-रोग भी न के बराबर है.

Agri Tips: मध्य प्रदेश के बालाघाट के किसान इतने हाइटेक हो चुके हैं कि अपने खेतों में लगातार नए-नए प्रयोग कर रहे हैं. एक ऐसे ही किसान बालाघाट से 100 किलोमीटर दूर सेरपार गांव में हैं. उनका नाम संपत पटेल है. संपत आधुनिक किसान हैं. वह अपने खेत में प्रयोग भी कर रहे हैं. उन्होंने खेत में जंगली बैंगन में टमाटर की ग्राफ्टिंग की है. उन पौधों को उन्होंने 1 एकड़ में रोपा है. अब रोग और कीट का लगना न्यूनतम हो गया है. वहीं, किसान का उत्पादन भी 150 क्विंटल से ज्यादा का है. जानिए पूरी कहानी…

किसान का अनोखा एक्सपेरिमेंट
किसान संपत पटेल करीब 6 एकड़ जमीन में सब्जियों की खेती करते हैं. इसमें वह कद्दूवर्गीय, बैंगन, टमाटर, आलू सहित कई सब्जियों की खेती करते हैं. हर साल वह टमाटर की खेती करते हैं. लेकिन, बीते साल उनकी फसल में कई कीट और रोगों का प्रकोप था. ऐसे में उत्पादन काफी कम हुआ. तब वरिष्ठ उद्यान अधिकारी शंकर लाल मर्सकोले की सलाह पर उन्होंने खेती में एक एक्सपेरिमेंट किया. दरअसल, इस बार उन्होंने ग्राफ्टेड टमाटर के पेड़ लगाए. इससे उनकी खेती में रोग और कीट बेहद कम लग रहे हैं.

जंगली बैंगन में टमाटर
हाईटेक किसान संपत पटेल ने अपने खेत में एक एकड़ जमीन में ग्राफ्टिंग टमाटर की खेती की. जंगली बैंगन में टमाटर के पौधों की ग्राफ्टिंग की गई है. वरिष्ठ उद्यान अधिकारी शंकर लाल मर्सकोले ने बताया कि जंगली बैंगन का तना मोटा और ज्यादा रोग और कीटों के प्रति सहनशील होता है. ऐसे में इसमें टमाटर की ग्राफ्टिंग करते हैं, तो रोग और कीट बेहद कम लगते हैं. वहीं, पौधे की ऊंचाई 6 फीट तक होती है. ऐसे में उत्पादन डबल तो होता ही है. साथ ही टमाटर का आकार भी अच्छा होता है.

चार तुड़ाई में 75 क्विंटल 
एक एकड़ में लगे टमाटर के खेत से अब तक 75 क्विंटल उत्पादन हो चुका है. अभी फसल आधी हुई है. ऐसे में पौधों की ऊंचाई दो फीट तक और बढ़ेगी और उत्पादन 150 क्विंटल से भी ज्यादा होगा.

ग्राफ्टिंग से कई फायदे
वरिष्ठ उद्यान अधिकारी ने बताया कि टमाटर की सामान्य खेती में माहू सहित कई कीटों का प्रकोप रहता है. वहीं, मौसम के बदलाव के साथ रोग लगते हैं. ऐसे में रासायनिक दवाइयों का खर्च भी लगता है. और तो और उत्पादन भी कम हो जाता है. लेकिन जंगली बैंगन की ग्राफ्टिंग से किसान भाई उत्पादन डबल कर सकते हैं. वहीं, इसमें ग्राफ्टिंग का सक्सेस रेट भी 99.9 प्रतिशत है. ऐसे में कुछ ही पेड़ पर टमाटर को ओवरटेक कर बैंगन के पेड़ लग जाते हैं. ये भी वेस्ट नहीं होते और उसमें भी बैंगन उग जाते हैं.

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें

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