कटनी में दलित युवक पर पेशाब करने वाले फरार: पीड़ित की सुरक्षा के लिए 2 पुलिसकर्मी तैनात, कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दी – Katni News

कटनी में दलित युवक पर पेशाब करने वाले फरार:  पीड़ित की सुरक्षा के लिए 2 पुलिसकर्मी तैनात, कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दी – Katni News


कटनी जिले के बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मटवारा में एक दलित युवक के चेहरे पर पेशाब करने के गंभीर आरोप ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। घटना के पीड़ित राजकुमार चौधरी की सुरक्षा के लिए उनके घर पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

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पीड़ित राजकुमार चौधरी, जो मटवारा गांव के निवासी हैं, घटना के बाद से खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके घर पर दो पुलिसकर्मियों को तैनात किया है।

घटना का जीतू पटवारी ने किया विरोध

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटना को लेकर एक्स पर पोस्ट कर भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। शनिवार को कांग्रेस ग्रामीण के जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक कुंवर सौरभ सिंह ने पीड़ित राजकुमार चौधरी से मुलाकात कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।

कांग्रेस ने भाजपा सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पार्टी इस मामले को प्रदेश स्तर पर उठाने की तैयारी में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के जल्द ही कटनी आने की संभावना है।

आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी

स्लीमानाबाद एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी ने बताया कि पीड़ित के घर पर पुलिसकर्मी तैनात हैं। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित कर विभिन्न स्थानों पर भेजी गई है। एसडीओपी ने जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

इस बीच, पीड़ित दलित युवक ने आरोप लगाया है कि विजेंद्र उमरिला नामक एक पुलिसकर्मी उसे बार-बार फोन कर “मामले को तूल न देने” की बात कहकर मानसिक रूप से परेशान कर रहा है। पीड़ित ने ऐसे अनावश्यक फोन कॉल से मुक्ति दिलाने की मांग की है।

पीड़ित राजकुमार चौधरी की सुरक्षा के लिए उनके घर पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

पूर्व विधायक बोले- घटना दुर्भाग्यपूर्ण है

सरकार पर लापरवाही का आरोप​पूर्व विधायक कुंवर सौरभ सिंह ने इस पूरे मामले में सरकार की गंभीर लापरवाही उजागर होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक पीड़ित व्यक्ति की रिपोर्ट समय पर दर्ज नहीं की जाती, जबकि अपराध कारित करने वाला एक सरपंच है।

पीड़ित को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भटकना पड़ा, तब जाकर उसकी रिपोर्ट दर्ज हो पाई।” उन्होंने बताया कि दलित युवक अवैध उत्खनन को रोकने गया था, जिस पर आरोपियों ने उसके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की, जो कि पूरी तरह गलत है।



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