रोहित शर्मा और विराट कोहली चाहते हैं कि वह साउथ अफ्रीका में होने वाला 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलें और 2011 से चले आ रहे ट्रॉफी के सूखे को खत्म करें. फैंस भी रोहित-कोहली की जोड़ी को 2027 वर्ल्ड कप में खेलते देखना चाहते हैं. हालांकि, टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके इन दोनों दिग्गजों के सामने एक बड़ा चैलेंज है. रोहित और कोहली 19 अक्टूबर से शुरू हो रही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से 7 महीने बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं. आखिरी बार दोनों ने भारत के लिए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल खेला था.
रोहित-विराट के लिए सबसे बड़ा चैलेंज
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने कहा है कि वह रोहित शर्मा और विराट कोहली को वनडे वर्ल्ड कप 2027 में खेलते हुए देखना चाहते हैं. लेकिन, इसके लिए दोनों को अपनी फिटनेस बरकरार रखने के साथ-साथ नियमित रूप से अच्छा प्रदर्शन करना होगा. मिश्रा ने कहा, ‘रोहित और विराट का वनडे में लंबे समय तक खेलना उनकी फिटनेस और लगातार अच्छे प्रदर्शन पर निर्भर करेगा. मैंने पहले भी कहा था कि मैं उन्हें वहां खेलते देखना चाहता हूं, लेकिन इसके लिए उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा. सभी जानते हैं कि भारतीय टीम के लिए फिटनेस कितनी महत्वपूर्ण है. उन्हें फिट रहना होगा और अच्छा प्रदर्शन करना होगा.’
इस पूर्व स्पिनर ने आगे कहा, ‘सबसे जरूरी बात यह है कि आप उनसे बात करते रहें. यह सबके लिए जरूरी है, क्योंकि जब आप उनसे बात करते हैं तो आपको एक ही नतीजा मिलता है. आप उनसे जितनी ज्यादा बात करेंगे, उनका दिमाग उतना ही साफ होगा. उन्हें पता होगा कि उनकी जिम्मेदारियां क्या हैं और उन्हें क्या करना है. दोनों एक ही फॉर्मेट खेलते हैं. इससे उन्हें अपने खेल पर फोकस करने में मदद मिल सकती है.’
भारत जीतेगा वनडे सीरीज
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रविवार से वनडे सीरीज शुरू हो रही है. अमित मिश्रा का मानना है कि भारतीय टीम ये सीरीज जीतेगी और इस जीत में रोहित और विराट का अनुभव भारतीय टीम के बेहद काम आएगा. अमित मिश्रा ने कहा, ‘मुझे लगता है कि भारतीय टीम सीरीज जीतेगी. मैं भारतीय टीम का फैन हूं और चाहता हूं कि भारत जीते. रोहित शर्मा और विराट कोहली का होना भारतीय टीम के लिए सकारात्मक बात है. वे सीनियर हैं, लेकिन मैं चाहता हूं कि वे भारतीय टीम के लिए यथासंभव लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन करें. मैं चाहता हूं कि वे वर्ल्ड कप में भी शामिल हों. जब वर्ल्ड कप में दबाव होता है, तो युवा खिलाड़ियों को अपने अनुभवी खिलाड़ियों से भरपूर समर्थन मिलता है.’