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India vs Australia: ऑस्ट्रेलिया की टीम को यह अच्छे से पता है कि श्रेयस अय्यर को उछाल भरी गेंदों को खेलने में दिक्कत होती है. ऑस्ट्रेलिया की बाउंसी पिचों पर अय्यर के खिलाफ जोश हेजलवुड ने इसी योजना पर काम किया और भारतीय बैटर इसमें फंस गया.
नई दिल्ली. पर्थ वनडे में संकट में नजर आ रही टीम इंडिया को उम्मीद थी कि श्रेयस अय्यर तारनहार बनेंगे. हालांकि इसके उलट अय्यर 24 गेंदों का सामना करने के बाद महज 11 रन बनाकर चलते बने. अय्यर टेस्ट क्रिकेट से पहले ही दूरी बनाए हुए हैं. अब उन्होंने 50 ओवरों के क्रिकेट में भी टीम इंडिया को निराश किया. उछाल भरी बॉल को खेलने की कमजोरी एक बार फिर श्रेयस अय्यर को ले डूबी. हेजलवुड और मिशेल ओवेन दोनों छोर से लगातार अक्षर पटेल और श्रेयस अय्यर पर शॉर्ट बॉल से प्रहार कर रहे थे. 14वें ओवर की दूसरी गेंद पर अय्यर को हवा तक नहीं लगी और हेजलवुड ने उन्हें विकेट के पीछे जोश फिलिप के हाथों कैच आउट करवा दिया.
जोश हेजलवुड लगातार उछलती हुई गेंदों से प्रहार कर रहे थे. गेंद डेक पर जोर से लगी और बैक ऑफ लेंथ से तिरछी दिशा में गई. अतिरिक्त उछाल के कारण गेंद को अच्छी तरह से देखने की कोशिश में अय्यर थोड़ा उलझ गए. गेंद पर सिर्फ ग्लव्स ही लग पाया और विकेटकीपर फिलिप ने बाईं ओर छलांग लगाकर दोनों हाथों से उसे पकड़ लिया. अल्ट्राएज पर गेंद और ग्लव्स के बीच संपर्क के स्पाइक का पता चला.
शॉर्ट बॉल पर फंस गए श्रेयस अय्यर
ग्लव्स और बॉल का संपर्क इतना हल्का था कि खुद श्रेयस को भी इसका पता नहीं चला. यही वजह है कि वो डीआरएस लेने या नहीं लेने से पहले कंसल्ट करने के लिए अक्षर पटेल के पास पहुंचे. अंत में वो वापस पवेलियन चले गए. इस तरह भारत ने महज 45 रन पर ही अपने चौथे विकेट को गंवा दिया. भारत की हालत इस मैच में लगातार खराब नजर आ रही है.
बारिश कर रही मैच का मजा किरकिरा
पर्थ में लगातार हो रही बारिश के चलते एक बार फिर मैच रोक दिया गया है. करीब 10 मिनट का खेल होने के बाद मैच को फिर रोकना पड़ा. मैच में ओवरों की संख्या को घटाकर 35 कर दिया गया है. पहले 50 की जगह 49 ओवरों का मैच कराने की जानकारी दी गई थी. जिस तरह बार-बार मैच में बारिश के चलते खलल पड़ रहा है, उसे देखते हुए आगे भी ओवरों की कटौती की संभावना जताई जा रही है.
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें