इंग्लैंड से जीता हुआ मैच कैसे हारा भारत? स्मृति मंधाना ने मानी अपनी गलती, सरेआम छलका दर्द

इंग्लैंड से जीता हुआ मैच कैसे हारा भारत? स्मृति मंधाना ने मानी अपनी गलती, सरेआम छलका दर्द


Smriti Mandhana ICC Womens World Cup 2025: भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप में दुखदायी हार का सामना करना पड़ा. इंदौर के होल्कर स्टेडियम में रविवार (19 अक्टूबर) को एक तरह से जीते हुए मैच में टीम इंडिया हार गई. इससे भारतीय टीम अब करो या मरो की स्थिति में पहुंच गई है. सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए उसे अब अपने आखिरी दोनों मैच में न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के खिलाफ जीत हासिल करनी होगी. 4 रन की दिल तोड़ने वाली हार के बाद भारतीय उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने इसकी पूरी जिम्मेदारी ली है. उन्होंने स्वीकार किया कि उनके आउट होने से बल्लेबाजी ढह गई और उनका शॉट चयन बेहतर हो सकता था.

मंधाना ने की थी बड़ी गलती

289 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत जीत की राह पर था. ओपनर मंधाना (88) ने कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ 125 और दीप्ति शर्मा के साथ 67 रन की दो महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं. वह शतक से 12 रन दूर थीं और उन्होंने छह रन मारन के लिए लॉन्ग-ऑफ की ओर शॉट लगाया. लिंसी स्मिथ की गेंद पर एलिस कैप्सी ने उनका आसान कैच ले लिया. उनके द्वारा लगाया गया यह मिसटाइम शॉट विकेटों के पतन का कारण बन गया,. इसके बाद टीम लक्ष्य से बस कुछ ही कदम दूर रह गई.

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मंधाना ने खुद पर ली हार की जिम्मेदारी

रविवार को मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंधाना ने कहा, ”मुझे लगता है कि हम अपने शॉट चयन के साथ बेहतर कर सकते थे. खासकर इसकी शुरुआत मुझसे हुई, इसलिए मैं इसे खुद पर लेती हूं कि शॉट चयन बेहतर होना चाहिए था. हमें प्रति ओवर केवल छह रन की जरूरत थी. शायद हमें खेल को और गहराई तक ले जाना चाहिए था. मैं इसे खुद पर लेती हूं क्योंकि पतन मेरे साथ शुरू हुआ.” बाएं हाथ की बल्लेबाज ने कहा कि भावनाओं ने उन पर हावी होकर हवाई स्ट्रोक से बचने की उनकी अपनी योजना से भटका दिया.

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‘उस समय उस शॉट की जरूरत नहीं थी’

स्मृति ने कहा, ”मैंने सोचा कि मैं उन पर (इंग्लैंड की टीम) हावी हो सकती हूं. मैंने वह शॉट मिसटाइम कर दिया. शायद उस समय उस शॉट की जरूरत नहीं थी. मुझे और धैर्य रखने की जरूरत थी, क्योंकि पूरी पारी के दौरान मैं खुद से कहती रही थी कि धैर्य रखूं और हवाई शॉट न खेलूं.” यह पतन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले मैच में भारत के प्रदर्शन के समान था, जहां शीर्ष क्रम के बाद मध्य और निचले क्रम के बल्लेबाज लड़खड़ा गए. हालांकि, मंधाना ने बल्लेबाजों का बचाव भी किया और कहा कि फिनिशिंग करना हमेशा एक मुश्किल काम होता है.

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जेमिमा क्यों मैच से बाहर?

स्मृति ने कहा, “अगर आप इंग्लैंड की पारी देखें, तो उन्होंने भी अच्छी तरह से खत्म नहीं किया…हमने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी 10 ओवरों में लगभग 90 से अधिक रन बनाए थे, इसलिए उन्होंने काफी कुछ अच्छा किया है.  यह सब इस बारे में है कि कैसे हम अनुभवी खिलाड़ी इस तरह की परिस्थितियों में आगे बढ़ सकते हैं और युवाओं का मार्गदर्शन कर सकते हैं.” गेंदबाजी विकल्पों पर बात करते हुए मंधाना ने बताया कि पिछले दो मैचों में टीम ने सोचा था कि पांच गेंदबाजी विकल्प काफी नहीं हैं, खासकर इंदौर जैसी सपाट पिच पर.  उन्होंने कहा, “जेमिमा रोड्रिग्स जैसे खिलाड़ी को बाहर करना बहुत कठिन फैसला था. कभी-कभी संतुलन सही करने के लिए आपको इस तरह की चीजें करनी पड़ती हैं.”



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