इंग्लैंड से मिली हार का भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट स्मृति मंधाना का विकेट बताया है. मैच के बाद दिए बयान में हरमन ने इंग्लैंड को इस जीत का क्रेडिट दिया. बता दें कि भारत की यह महिला वर्ल्ड कप में लगातार तीसरी हार है. इस हार के साथ उसकी सेमीफाइनल की राह भी मुश्किल हो गई है.
भारत की लगातार तीसरी हार
भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ बेहद अहम मुकाबले में 4 रन से हार का सामना करना पड़ा. एक समय जीत की ओर भारतीय टीम की हार के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर बेहद निराश नजर आईं. उन्होंने स्मृति मंधाना के विकेट को हार के प्रमुख कारणों में से एक माना. मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा, ‘स्मृति का विकेट हमारे लिए टर्निंग पॉइंट था. पता नहीं कैसे चीजें उलट गईं.’
‘यह दिल को तोड़ने वाला पल’
भारतीय कप्तान ने इंग्लैंड को जीता का क्रेडिट देते हुए इसे दिल तोड़ने वाला पल बताया. उन्होंने कहा, ‘इंग्लैंड को जीत का श्रेय जाता है. उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी. इतनी मेहनत के बाद हार मिलना बुरा एहसास है. आखिरी 5-6 ओवर योजना के मुताबिक नहीं गए. हमारे लिए यह दिल को तोड़ने वाला पल है.’ कौर ने कहा, ‘हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं, हार नहीं मान रहे, लेकिन हमें लाइन पार करनी होगी. पिछले तीन मैचों में हमने अच्छा क्रिकेट दिखाया है.’
हरमन ने अगले मुकाबले को लेकर कहा, ‘अगला मैच बहुत महत्वपूर्ण है. हमारे गेंदबाजों ने वास्तव में अच्छा काम किया. जब नेट और हीथर बल्लेबाजी कर रहे थे, तो वे वास्तव में अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे. हमने बहुत सी चीजें सही कीं, लेकिन आखिरी पांच ओवर ऐसे हैं जिन पर हमें एक समूह के रूप में पुनर्विचार करने की जरूरत है. स्मृति और मैं जब बल्लेबाजी कर रहे थे, तब चीजें नियंत्रण में थीं. दुर्भाग्य से हम मैच फिनिश नहीं कर पाए. हार के बावजूद हमने अच्छा क्रिकेट खेला.’
ऐसा रहा मुकाबला
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 288 रन बनाए थे. इंग्लैंड के लिए हीथर नाइट ने 91 गेंद पर 15 चौकों और 1 छक्के की मदद से 109 रन की पारी खेली थी. नाइट को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. भारतीय कप्तान और स्मृति मंधाना की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत भारत 289 के लक्ष्य के बिल्कुल करीब पहुंच गई थी. स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीसरे विकेट के लिए 125 रन की साझेदारी कर टीम की जीत की उम्मीद जगा दी थी, लेकिन दोनों मैच फिनिश करने में कामयाब नहीं रहीं.
स्मृति मंधाना 94 गेंद पर 88 और हरमनप्रीत कौर 70 गेंद पर 10 चौकों की मदद से 70 रन बनाकर आउट हुईं. दीप्ति शर्मा ने 57 गेंद पर 5 चौकों की मदद से 50 रन की पारी खेली. मंधाना और कौर के आउट होने के बाद दीप्ति से उम्मीद थी, लेकिन उनका विकेट गिरने के बाद मैच भारत के हाथ से निकलता गया. आखिरी 6 ओवर में 6 विकेट हाथ में होने के बाद भी 42 रन नहीं बने. भारतीय टीम 6 विकेट के नुकसान पर 284 रन बना सकी और मैच 4 रन से हार गई.