गुना जिले के फतेहगढ़ इलाके में पुलिस ने सोमवार को नाबालिग के अपहरण और रेप के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी चार महीने से फरार चल रहा था। खास बात यह है कि एक आरोपी को गिरफ्तार करने में पांच ASI, चार प्रधान आरक्षक और 13 आरक्षकों की भूमिका रही।
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जानकारी के अनुसार जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र से 26 जून को 15 वर्षीय एक नाबालिग गुम हो गई थी। उसके पिता की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने 29 जून को नाबालिग को बरामद कर लिया।
बरामद होने पर नाबालिग ने बयानों में बताया कि ग्राम पाढ़ोन निवासी मेघराज सहरिया उसे फहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। उसने कई बार गलत काम भी किया। उसके बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में रेप और पॉक्सो एक्ट की धाराओं का इजाफा किया।
पुलिस आरोपी की तलाश में लग गई। इसी क्रम में आरोपी के संबंध में मुखबिर से सूचना मिलने पर फतेहगढ़ थाना पुलिस ने कार्रवाई कर प्रकरण में करीब चार महीने से फरार आरोपी मेघराज पिता रंगा सहरिया उम्र 30 साल निवासी ग्राम पाढ़ोन थाना फतेहगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
फतेहगढ़ थाना पुलिस की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी SI जयनारायण शर्मा, ASI अनिल कदम, दिलीप रघुवंशी, रामगोपाल सिंह तोमर, दशरथ दिवाकर, नरेश शर्मा, प्रधान आरक्षक विकास भार्गव, सरनाम सिंह, प्रेम ग्वाल, हरिओम किरार, आरक्षक पवन शर्मा, हरिओम परमार, योगेश जाट, चालक अरविंद सिकरवार, कुलदीप धाकड़, दिव्यांश भार्गव, महेश चौरसिया, अजय सिंह लोधी, बृजमोहन, कांजराज, सुनील आसैया, गोविंद सहरिया और साइबर सेल आरक्षक कुलदीप यादव की भूमिका रही।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।