18 दिवसीय यात्रा पूरी कर धीरेंद्र शास्त्री बागेश्वर धाम लौट आए हैं।
खजुराहो के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 18 दिन की यात्रा पूरी कर वापस धाम पहुंच गए हैं। दीपावली के अवसर पर उन्होंने कहा कि “जो लोग दीपावली पर पटाखे न फोड़ने का ज्ञान देते थे, हमने प्रण लिया है कि उनका ज्ञान फेल करेंगे।
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वैसे तो हमें पटाखों से डर लगता है, लेकिन जो पटाखों पर ज्ञान देते हैं, उनकी जिद में आज हम 10-12 पटाखे जरूर फोड़ेंगे।”
बागेश्वर धाम में दीपावली का उत्सव बागेश्वर धाम में आज दीपावली की धूम है। बड़ी संख्या में भक्त और शिष्य मंडल सोमवार को धाम पहुंचेंगे और पंडित धीरेंद्र शास्त्री के साथ दिवाली का उत्सव मनाएंगे। रात में बागेश्वर बालाजी और बागेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होगी।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जिद में 10-12 पटाखे जरूर जलाऊंगा।

समर्थक और शिष्य मंडल को साथ बागेश्वर पीठाधीश दीपावली का त्योहार मनाएंगे।
दीपावली पर नहीं लगेगा दरबार पंडित शास्त्री ने बताया कि दीपावली के दिन दरबार नहीं लगेगा। उन्होंने सभी भक्तों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और आर्थिक तंगी दूर करने का उपाय भी बताया। उन्होंने कहा कि एक मिट्टी के मटके में लाल मौली धागा बांधकर स्वास्तिक बनाएं, उस पर ‘ॐ श्रीं’ सिंदूर से लिखें और नारियल रखकर मनोकामना बोलें। इसके बाद उस मटके को बहते जल में प्रवाहित कर दें।शास्त्री ने कहा कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
मुंबई में कहा था- पटाखे फोड़ेंगे, यह हमारी परंपरा दरअसल, 8 दिन पहले शनिवार को धीरेंद्र शास्त्री मुंबई में सिद्धि विनायक गणेश मंदिर दर्शन करने पहुंचे थे। यहां मीडिया से बात करते हुए किसी ने उनसे दिवाली पर पटाखों से प्रदूषण होने और बॉलीवुड अभिनेताओं द्वारा पटाखे न फोड़ने की अपील को लेकर सवाल किया। इसे लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने ज्ञान न देने की बात कही थी।

‘हिंदू त्योहारों पर ही उठाया जाता है मुद्दा’ धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि प्रदूषण एक गंभीर विषय है, लेकिन यह मुद्दा केवल हिंदू त्योहारों के समय ही क्यों उठाया जाता है। अभिनेताओं से सभी धर्मों के पर्वों को समान दृष्टि से देखने और ज्ञान न देने की अपील है। त्योहारों का मकसद खुशी, शांति और आपसी भाईचारे को बढ़ाना होना चाहिए। धर्म चाहे कोई भी हो, सभी को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।